शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार सुबह 6 बजे तक प्रदर्शनकारी कैंपस में अंसारी ऑडिटोरियम के सामने लॉन से लेकर गेट के बाहर सड़क तक ठिठुरती ठंड में नारेबाजी करते रहे। इससे पहले पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने पर सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। इसके अलावा मोदी सरकार से अधिनियम वापस लेने की मांग करते रहे।
सुबह साढ़े 5 से 6 बजे फजर की नमाज
विरोध के बीच शनिवार सुबह पहली नमाज भी अदा की गई। पीएचडी स्कॉलर्स व एनएसयूआई जामिया यूनिट के अध्यक्ष इमरान चौधरी के मुताबिक, रातभर प्रदर्शन के बाद मुख्य सड़क और लॉन में प्रदर्शनकारियों ने फजर की नमाज अदा की और अल्लाह से दुआ की कि सरकार फैसले को वापस ले।
शनिवार सुबह 8 से 11 बजे तक अलग-अलग समूह में विभिन्न विभागों में जाकर सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द करवाया। इससे पहले छात्रों ने शनिवार को सेमेस्टर परीक्षाओं के बहिष्कार की घोषणा भी की थी। प्रदर्शनकारियों की घोषणा और अधिनियम के विरोध पर शिक्षक और कर्मी भी साथ थे।
हालांकि फैकल्टी ऑफ ह्यूमनाइटीज, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटेक्निक, गणित विभाग, सोशल साइंस, एजेके मॉस कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर समेत अन्य विभागों में सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी चल रही थी। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षकों और कर्मियों से बाहर आने को कहा। इसके बाद भी जो नहीं आ रहे थे, उन्हें हाथ जोड़कर विरोध में साथ देने के लिए राजी कर लिया। करीब सवा 11 बजे तक कैंपस के अधिकतर विभागों व सेंटर के बाहर ताला लग चुका था।