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सबक नहीं लिया तो अंजाम बुरा ही होगा, जाट आंदोलन के बाद औधोगिक क्रांति को झटका

Sun, 31 Jul 2016 09:12 AM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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जाट आंदोलन के झटके से उबरने के बाद एक बार फिर हरियाणा की औद्योगिक क्रांति को जबरदस्त झटका लगा है। हरियाणा की आर्थिक राजधानी गुड़गांव में बारिश के बाद बिगड़े हालात का असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है।
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हालांकि, शनिवार को मानेसर स्थित मारूति सहित अन्य कंपनियों में उत्पादन शुरू हो गया, लेकिन फरीदाबाद की इकाइयों में काम की रफ्तार मंद रही। जगह-जगह जलभराव के चलते कई कंपनियों में आधे दिन काम हुआ तो कई में श्रमिकों की संख्या कम होने से छुट्टी जैसा माहौल रहा।

तीसरे दिन भी लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने से हर आम और खास को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, गुड़गांव और फरीदाबाद में बिगड़े हालात को सिस्टम का फेलियोर माना जा रहा है।
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मानसून को लेकर की गई तैयारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसी कई वजह हैं जिनके चलते औद्योगिक नगरी का हर शख्स परेशानी झेल रहा है। ऐसे में अगर मौजूदा हालात से सबक नहीं लिया तो भविष्य में अंजाम बुरा ही होगा।
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शहर में जाम की पांच बड़ी वजह

- फोटो : अमर उजाला
समस्या
1: शहर में जाम की सबसे बड़ी वजह रोड इंजीनियरिंग को माना जा रहा है। हाईवे से लेकर शहर की अंदरूनी सड़कों की जर्जर हालत स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल रही है। जलभराव के चलते जानलेवा हो जाती हैं शहर की सड़कें। 
2: वाहनों के बढ़ते दबाव के आगे सड़कें सिकुड़ती जा रही हैं। जिस रफ्तार से वाहनों की संख्या बढ़ी है उसके मुकाबले सड़कों का विस्तार नहीं हो पाया। नतीजा जाम के रूप में दिखाई दे रहा है। 
3: शहर में जाम की एक बड़ी समस्या इंफोर्समेंट की कमी को भी माना जाता है। नो एंट्री के समय में भारी वाहनों का सड़कों पर दौड़ना, प्रतिबंध के बावजूद डीजल ऑटो का सड़कों पर दौड़ना जाम की बड़ी वजह है। 
4: शहर में जलभराव के चलते जिंदगी ठहर सी जाती है, इसकी बड़ी वजह शहर का ड्रेनेज सिस्टम फेल होना है। हर साल लाखों रुपया पानी में बहा दिया जाता है लेकिन समस्या जस की तस बनी है। 
5: मौजूदा समय में ट्रैफिक के हालात बिगड़ने की बड़ी वजह सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी को माना जा रहा है। हाईवे हो या शहर के अंदर की सड़कें, प्रत्येक एजेंसी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल कर बचने का बहाना ढूंढती हैं। 

समाधान
1: स्मार्ट सिटी का सपना तभी पूरा होगा जब सुव्यवस्थित प्लानिंग के साथ रोड इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर काम किया जाएगा। इससे जुड़े सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार को खत्म करना होगा। सड़क बनाने में खराब सामग्री और जलभराव होने पर ठोस कार्रवाई का प्रावधान करना होगा।
2: स्मार्ट सिटी बनाना है तो सड़कों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट की ठोस प्लानिंग करनी होगी। वाहनों का दबाव कम करने के लिए कार फ्री डे और ऑड ईवन जैसे ठोस निर्णय सरकार को लेने होंगे। 
3: जाम से मुक्ति के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी स्मार्ट बनना होगा। जो नियम बने हैं, उन्हें पारदर्शिता से लागू कराना होगा। 
4: ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाना होगा। मानसून में जलभराव से निपटने के लिए सीवरेज और नालों की सफाई कागजों में नहीं बल्कि हकीकत में करनी होगी। 
5: हाईवे पर एनएचएआई, नगर निगम और हुडा को मिलकर सुधार की तरफ कदम उठाना होगा, क्योंकि हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार थमते ही शहर रुक जाता है। सभी एजेंसियों को किसी भी प्रोजेक्ट पर काम करने से पहले आपसी तालमेल बिठाकर संयुक्त प्लानिंग करनी होगी।

समस्या बढ़ी तो हरकत में आया प्रशासन
गुड़गांव में हालात बेकाबू हुए तो सरकार ने एक्शन मोड में आई। गुड़गांव में अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हुई तो जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। शनिवार सुबह बारिश से फिर हाईवे पर जाम लगना शुरू हुआ, इस पर जिला उपायुक्त ने नगर निगम, एनएचएआई, पुलिस और हुडा को मिलजुल कर समस्या से निपटने की हिदायत दे डाली। सूत्रों के मुताबिक सुबह छह बजे चारों विभागों के अधिकारियों को वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। हर विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि दफ्तरों में बैठने की जगह सड़कों पर हालात का जायजा लें। हाइवे पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए छुट्टी के दिन भी चारों विभाग के अधिकारी सुबह 7 बजे से गड्ढों को भरवाते दिखे। कहीं पंपिंग सेट से पानी निकाला जा रहा था तो कहीं जेसीबी मशीन से गड्ढे भरवाए जा रहे थे। 

फिर भी जाम से बेहाल रहा शहर
बारिश और जलभराव की वजह से जाम की समस्या शनिवार को भी बरकरार रही। बेशक प्रशासनिक व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी अलर्ट थे, लेकिन पुराना मर्ज एक दिन में खत्म थोड़े ही होता है। शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद अजरौंदा चौक पर फ्लाईओवर के साथ बनाई गई सर्विस रोड में गड्ढों की वजह से जाम लग गया। बाटा चौक पर भी व्यवस्था चरमरा गई। दोनों ओर निर्माणाधीन फ्लाईओवर की वजह से लंबा जाम लग गया। गड्ढों को भरने के लिए जेसीबी की सहायता ली गई। बल्लभगढ़ में हालात कुछ ज्यादा ही बिगड़े नजर आए, क्योंकि यहां फ्लाईओवर के साथ मेट्रो का काम भी चल रहा है। 

जाम से निपटने को रूट डायवर्ट
हाईवे पर जाम बढ़ता देख ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार सुबह कैली गांव से ही वाहनों को बाईपास की तरफ डायवर्ट कर दिया। भारी वाहनों के लिए शुक्रवार को ही डायवर्जन लागू कर दिया गया था। वहीं, गुड़गांव जाने वाले ट्रैफिक को सोहन पुल से डायवर्ट किया गया। 

शहर के ट्रैफिक मूवमेंट पर एक नजर :
25 लाख वाहन रोजाना हाईवे से करते हैं आवाजाही 
80 हजार से ज्यादा वाहन रोजाना गुजरते हैं बाईपास रोड से 
50 हजार से ज्यादा वाहन रोजाना सोहना रोड का करते हैं प्रयोग

अब जो समस्या उत्पन्न हुई है उससे निपटने के साथ भविष्य की बेहतर प्लानिंग जरूरत है। औद्योगिक माहौल को बढ़ावा देना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना ही होगा। गुड़गांव के हालात से सबक लेने की जरूरत है।
एसएस बांगा, सदस्य-जनरल एसेंबली (सार्क)

हाइवे और बाईपास जाम न हो इसके लिए 350 ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान लगाए गए हैं। बाईपास रोड पर सेक्टर-9 के पास जलभराव होने के कारण जाम लगा था, वहां पंपिंग सेट की व्यवस्था की गई है। अगर हाइवे पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा हुआ तो कई और कटों से रूट डायवर्ट किया जाएगा। 
देवेंद्र यादव, एसीपी ट्रैफिक

हाइवे के पांच चौराहे ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा, बाटा चौक, बड़खल चौक और सेक्टर-27 चौक पर एनएचएआई के 6 ग्रेडर, 3 रोलर , 2 ट्रैक्टर और पंप लगाए गए हैं। हर चौक पर एक इंजीनियर, दो सुपरवाईजर समेत 15 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है। 
गगन कुमार, एसई, एनएचएआई

जारी किया हेल्पलाइन नंबर
शहर में जलभराव या सड़कों में गड्ढे से जाम लगने की स्थिति में शिकायत के लिए नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। निगम के 0129-2418400 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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