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गुड़गांव के ट्रैफिक से फरीदाबाद के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को लगा जोर का झटका

Sat, 30 Jul 2016 02:44 PM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, गुड़गांव
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jam in gurgaon - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए गुड़गांव को चेहरा बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश किया जा रहा है, लेकिन सरकारी सिस्टम की लापरवाही हैपनिंग हरियाणा के सपने पर पानी फेरती दिख रही है।
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बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद गुड़गांव की सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार थमते ही उद्योगों की रफ्तार भी मंद पड़ गई। गुड़गांव इफेक्ट का असर मैनुफेक्चरिंग हब फरीदाबाद पर भी पड़ा। मारुति सहित कई कंपनियों को कंपोनेंट्स सप्लाई करने वाली यूनिटों के माल से भरे ट्रक 20 घंटे बाद भी रास्ते में ही फंसे रहे।

शहर की कई यूनिटों में कामधंधा मंदा पड़ने की वजह से छुट्टी जैसा माहौल बना रहा। गुड़गांव के बिगड़े हालात की वजह से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दुपहिया से लेकर हवाई जहाज तक के पुर्जे बनाने वाली फरीदाबाद की तकरीबन आठ हजार छोटी-बड़ी यूनिटों से 15 हजार करोड़ का सालाना कारोबार का अनुमान लगाया जाता है।
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फरीदाबाद की अधिकांश यूनिटों में मारुति के कंपोनेंट्स तैयार किए जाते हैं

jam in gurgaon - फोटो : अमर उजाला
मारुति, होंडा, अशोक लीलैंड, यामाहा, रॉल्स रॉयल, जगुआर, बेंटले, मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू, जेसीबी और एस्कॉर्ट जैसी देश-विदेश की मदर यूनिटों के लिए फरीदाबाद ऑटो पार्ट्स तैयार करता है। फरीदाबाद की अधिकांश यूनिटों में मारुति के कंपोनेंट्स तैयार किए जाते हैं।

बृहस्पतिवार शाम को बारिश के बाद बिगड़े हालात के चलते गुड़गांव में महाजाम की स्थिति पैदा हो गई। इसका सीधा असर शहर की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ा।

उत्पाद तैयार कर सीधे मारुति को सप्लाई करने वाली टीयर वन श्रेणी की कंपनियों के ट्रक या तो गुड़गांव टोल से ही वापस लौटा दिए गए या फिर गुड़गांव में पहुंचने के बाद भी कंपनी तक नहीं पहुंच पाए।

जलभराव के चलते अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में छुट्टी जैसा माहौल

- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है अपने दो प्लांटों में रोजाना तकरीबन पांच हजार कारें तैयार करने वाली मारुति में उत्पादन बंद रहा। आगे सप्लाई न होने से वेंडर कंपनियों ने भी उत्पादन रोक दिया या फिर कम कर दिया।

वहीं, बारिश और जलभराव के चलते अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में छुट्टी जैसा माहौल रहा। फरीदाबाद में तीन तरह की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हैं। एक जो उत्पाद बनाकर सीधे बड़ी देसी व विदेशी कंपनियों को आपूर्ति करती हैं, इन्हें टीयर वन कहा जाता है। इनकी संख्या तकरीबन 600 है।

इसके अलावा करीब चार हजार टीयर टू और तीन हजार से ज्यादा टीयर थ्री श्रेणी की कंपनियां हैं, जो छोटे वेंडरों से उत्पाद तैयार कराती हैं। लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव रवि भूषण खत्री ने बताया कि केवल मारुति ही नहीं, बल्कि अन्य कंपनियों को सप्लाई देने वाली वेंडर यूनिटों का काम प्रभावित हो रहा है। 
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ऐसे में कैसे बढ़ेगा निवेश

traffic jam in gurgaon
एक तरफ हरियाणा में निवेश बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए कोई कदम नहीं बढ़ाया जा रहा है। गुड़गांव जैसी हाईटेक सिटी में ट्रैफिक की बदहाली ने सरकार को आइना दिखाने का काम किया है। वहीं, फरीदाबाद के हालात तो और ज्यादा बदतर हैं।

शुक्रवार को सेक्टर-24, 25 और सेक्टर-58 की कई इकाइयों के बेसमेंट में पानी भर गया। ग्राउंड फ्लोर पर पानी भरने की सूचना भी कई जगह से आई है। गुड़गांव में बने हालात मेक इन इंडिया और हैपनिंग हरियाणा की तैयारियों के लिए सबक हैं। बारिश के बाद हर साल जलभराव होता है, समस्या खड़ी होती है, लेकिन आज तक पुरानी गलतियों से सबक नहीं लिया गया।

स्मार्ट सिटी और निवेश को बढ़ावा देने की तैयारियों में जुटी सरकार को मौजूदा हालात को देख सबक लेना चाहिए।-जसमीत सिंह, हेड (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन) जेसीबी इंडिया लिमिटेड

सरकार औद्योगिक माहौल बनाने में खासी मशक्कत कर रही है, लेकिन जब तक ढांचागत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक सभी कोशिशें बेकार हैं। गुड़गांव में बिगड़े हालात इसका ताजा उदाहरण हैं। सरकार को इससे सबक लेते हुए गुड़गांव और फरीदाबाद में इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से सुधार करना चाहिए।-रविभूषण खत्री, महासचिव, लघु उद्योग भारती

खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर को केवल ट्रैफिक जाम से ही जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसका असर औद्योगिक माहौल पर भी पड़ता है। निवेश के लिए माहौल तैयार करने की जरूरत है। इसमें सबसे ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना होगा।-जीएस त्यागी, अध्यक्ष, फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन

फरीदाबाद की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक नजर में
शीट मेटल कंपोनेंट            3000
टर्निंग एंड मशीनिंग कंपोनेंट     3000
इलेक्ट्रोप्लेटिंग एंड प्रिंटिंग कंपोनेंट 1000
रबड़ प्लास्टिक कंपोनेंट           800
एल्यूमीनियम डाई कास्टिंग कंपोनेंट  200

-8000 ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां हैं फरीदाबाद में
-15000 करोड़ का सालाना टर्नओवर होता है इस इंडस्ट्री में
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