दिल्ली जल बोर्ड ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिंदूराव अस्पताल के पास 238 करोड़ रुपये का पानी बिल भेजा। इसमें पानी की आपूर्ति देने का उस समय का भी बिल मांग लिया है, जिस दौरान जल विभाग नगर निगम के अधीन था।
उसने यह बिल 1994 से 2014 तक की अवधि का भेजा है। खास बात यह है कि वर्ष 1999 तक जल विभाग अब जल बोर्ड नगर निगम के अधीन था। इस तरह नगर निगम परेशान है। क्योंकि उसने उस अवधि का भी उससे बिल मांग लिया जब वह उसका हिस्सा था।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त पीके गुप्ता ने जल बोर्ड के निर्णय पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 तक की अवधि का बिल मांगा ही नहीं जा सकता। ऐसे तो नगर निगम के सभी विभागों को एक दूसरे की सेवाएं लेने पर भुगतान करना होगा जो असंभव है।
उन्होंने इस मामले में जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से बात की है और बिल के संबंधी में पूरी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा बिल के संबंध विवाद निपटने तक अस्पताल का कनेक्शन नहीं काटने का आग्रह किया है। क्योंकि जल बोर्ड ने कनेक्शन काटने की धमकी दी है।
उन्होंने इस पूरे मामले के निपटारे के लिए उच्चस्तरीय स्तर के अधिकारियों के बीच बैठक कराने का भी आग्रह किया है। आयुक्त के अनुसार अगले सप्ताह दोनों विभागों के साथ बैठक में बिल का विवाद खत्म हो जाएगा। क्योंकि नगर निगम निरंतर पानी का बिल जमा करा रहा है। पिछले साल के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये बिल के रूप में जमा कराए जा चुके है।