-शहीद भगत सिंह मार्ग के कायाकल्प की तैयारी, सड़क, फुटपाथ, सौंदर्यीकरण और यातायात सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली की प्रमुख सड़कों में शामिल शहीद भगत सिंह मार्ग (जेल रोड) को जल्द ही मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। दिल्ली सरकार राजधानी की प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण यातायात कॉरिडोर को आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में जेल रोड को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
दिल्ली सरकार का फोकस केवल सड़क की मरम्मत या नई परत बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कॉरिडोर विकसित करने पर है जो सुरक्षित, व्यवस्थित, सौंदर्यपूर्ण और प्रदूषण मुक्त हों। मॉडल रोड की अवधारणा के तहत सड़क उपयोगकर्ताओं, पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और आसपास रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाता है।अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में जिन प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिल्ली की सड़कों को विश्वस्तरीय शहरी मानकों के अनुरूप बनाना है। जेल रोड भी पश्चिमी दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो जनकपुरी, हरिनगर, मायापुरी और आसपास के इलाकों को जोड़ती है। मॉडल रोड परियोजना के तहत सड़क को बेहतर गुणवत्ता वाली सतह, सुव्यवस्थित फुटपाथ, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप, स्पष्ट रोड मार्किंग, आधुनिक स्ट्रीट फर्नीचर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और हरित विकास जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हरित पट्टियां होंगी विकसित : परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू धूल-मुक्त कॉरिडोर विकसित करना भी है। इसके लिए सड़क किनारों, फुटपाथों और हरित पट्टियों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि खुले मिट्टी वाले हिस्सों को कम किया जा सके और धूल उड़ने की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके। दिल्ली में वायु प्रदूषण की चुनौती को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि मॉडल रोड परियोजनाएं केवल यातायात सुधार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये शहर की समग्र शहरी छवि को भी बेहतर बनाती हैं। जेल रोड के मॉडल रोड में विकसित होने से पश्चिमी दिल्ली के लाखों लोगों को बेहतर आवागमन, सुरक्षित पैदल सुविधाएं और अधिक व्यवस्थित सड़क वातावरण मिलने की उम्मीद है।