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आईटी टीम खंगालेगी ज्वैलरी शॉप की सीसीटीवी फुटेज

Tue, 18 Feb 2014 02:12 PM IST
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
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रियल एस्टेट, सोना और लोहे के कारोबार में इंवेस्ट हो रही ब्लैक मनी पर नजर रखने के लिए अब इंकमटैक्स डिपार्टमेंट ने कमर कर ली है। विभाग अब शहर के नामचीन बिल्डर और सर्राफा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल करेगा।
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फुटेज में उन मामलों की कड़ाई से पड़ताल की जाएगी, जिनमें मोटी रकम का लेनदेन होना दिखाया गया हो। ऐसे मामले में लेनदेन करने वाले दोनों ही पक्षों से पूछताछ की जाएगी।

दोनों ही पक्षों को यह जानकारी देनी होगी कि रकम कहां से आई और किस एवज में दी गई। विभागीय अधिकारी इस कार्रवाई को रेंडम तरीके से करेंगे।

आरबीआई के 2005 से पुरानी करंसी चलन से बाहर किए जाने के आदेश के बाद से ही गाजियाबाद में अचानक 1000 और 500 की ऐसी करंसी चलन में आ गई है, जोकि 2005 से पुरानी है। मोटी रकम के लेनदेन में पुरानी करंसी का लेनदेन किया जा रहा है।
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बाजार के जानकारों का मानना है कि अब काला धन जोकि दबाकर रखा गया था, वह निकलकर बाहर आ रहा है। काले धन को अब सोना और रियल एस्टेट में इंवेस्ट किया जा रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर इंकमटैक्स आफिसर भी सक्रिय हो गए हैं।

बैंकों में किस कारोबारी-व्यापारी या व्यक्ति द्वारा कितने रुपये जमा कराए जा रहे हैं और ये कहां से आए, इसकी जानकारी की जा रही है। इसके अलावा जेवरात कारोबारियों के यहां से खरीद पर नजर रखने के लिए इनके सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने की योजना तैयार कर ली गई है।

आयकर अफसर किसी भी दुकान-शोरूम पर पहुंचकर कैमरों की फुटेज लेने को अभियान शुरू करेंगे। यूपी-उत्तराखंड के डायरेक्टर आफ इनकम टैक्स इंवेस्टीगेशन एके त्रिपाठी ने बताया कि निगरानी कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इनकी रिपोर्ट रोजाना कानपुर मुख्यालय तलब की जा रही है।

जेवरात कारोबारियों के यहां से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने के निर्देश दिए गए हैं। गुप्त सूचना प्राप्त करने के लिए विभाग जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी कर देगा।

पुरानी करंसी बदलने पर देना होगा आईडी और एड्रेस प्रूफ
कविनगर स्थित एसबीआई बैंक के ऑपरेशन मैनेजर एसके शर्मा ने बताया कि आरबीआई ने 2005 से पहले के नोट बदलने के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी है। इसके तहत कस्टमर पुरानी करंसी को 31 मार्च तक बैंक से ट्रांजिक्शन कर सकते हैं।

इसमें कस्टमर करंसी को अपने अकाउंट में जमा कराएंगे। इसके बाद एक अप्रैल से एक जुलाई तक पुरानी करंसी को बैंक में देकर नई करंसी में बदला जा सकता है। चेंज कराते हैं तो बैंक उनसे 500 व 1000 के केवल 10 नोट लेगा। साथ ही कस्टमर को अपना एड्रेस और आईडी प्रूफ देना होगा। बैंकों ने नई गाइडलाइन्स चस्पा कर दी है।
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