भाजपा नेता नगर निगमों के चुनाव परिणाम आने से पहले जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में लग गए हैं। केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने मंगलवार को कहा कि तीनों नगर निगमों का विलय बहुत जरूरी है, क्योंकि दो नगर निगम की स्थिति काफी खराब है।
खास बात यह है कि भाजपा नेता तीनों नगर निगम एक करने की बात तो रहे हैं, लेकिन दिल्ली सरकार की हरी झंडी के बिना केंद्र सरकार इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है।
विजय गोयल ने मंगलवार को अपने निवास पर मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि शीला दीक्षित सरकार के समय जल्दबाजी में दिल्ली नगर निगम का विभाजन तीन भागों में कर दिया गया। इनमें बस एक को छोड़कर बाकी दो नगर निगम भारी नुकसान में डूबे हुए हैं। अगर इनका विलय कर दिया जाए, तो ज्यादा बेहतर तरीके से और जल्द काम का निपटारा होगा।
दूसरी ओर गोयल ने कहा कि तीनों नगर निगमों में जीतने वाले उनकी पार्टी के पार्षदों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें जन कल्याण नीतियों एवं गुड गवर्नेंस पर बल दिया जाएगा। भाजपा उनकी ट्रेनिंग में विशेष ध्यान इस बात का देगी कि ब्यूरोक्रेसी एवं जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर वे कुशलता से काम और समस्याओं का समाधान कर सकें।
भाजपा के अधिकतर पार्षद पहली बार चुनकर आएंगे। इस कारण वे नगर निगम की कार्यशैली और कामकाज के बारे में अनभिज्ञ होंगे। ऐसे में उन्हें शुरुआत में कार्य कराने में दिक्कत आ सकती है और अधिकारी उन्हें गुमराह कर सकते है। खास बात ये है कि भाजपा ने अपने मौजूदा पार्षदों को नए पार्षदों से दूर रखने का निर्णय लिया है। नए पार्षदों का सहयोग करने में उनकी कोई मदद नहीं ली जाएगी।