विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सर्विस प्रोवाइडर इन कंपनियों ने दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य शहरों में बोगस फर्मों के नाम पर फर्जी इनवॉइस से आईटीसी क्लेम कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। जांच-पड़ताल में कई फर्म पते पर नहीं मिलीं। विभाग ने 62 फर्मों में फर्जीवाड़ा पकड़कर 35.93 करोड़ जुर्माना वसूला है।
इस तरह चल रहा कर चोरी का खेल
जीएसटी से जुड़े फ्रॉड में बिना किसी वास्तविक कारोबार के फर्जी इनवॉयस बनाकर कारोबार दिखा दिया जाता है। फर्जीवाड़ा करने वाला पहले जीएसटी के पोर्टल पर फर्जी तरीके से एक फर्म रजिस्टर्ड करता है। उसके बाद वह जो भी दस्तावेज देता है, उसमें अधिकतर फर्जी ही होते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद फर्म के नाम पर इनवॉइस बिल पर खरीद-फरोख्त की जाती है। जिन व्यापारियों को इन फर्जी इनवॉइस की जरूरत पड़ती है, वह दो से चार प्रतिशत की दर देकर टैक्स बचा लेते हैं। इस तरह चोरी का खेल चल रहा है।
लोहा-स्टील कारोबार में सबसे ज्यादा धांधली
पिछले साल ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी कंपनियां बनाकर सिर्फ कागजों में कारोबार दिखाया गया। बोगस बिलों के जरिये आईटीसी का लाभ लेकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इस धांधली में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद की लोहा-स्टील कारोबार से जुड़ी सबसे ज्यादा 21 फर्म शामिल रहीं।