इराक में छिड़े गृहयुद्ध से शहर के निजी अस्पतालों को बड़ा झटका लगने वाला है।
इन अस्पतालों में अधिकांश विदेशी मरीज इराक से आते हैं। लेकिन आतंकी हमले के कारण कई मरीज डॉक्टर से मिलने के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को रद्द करवाने पर मजबूर हैं, जबकि कुछ जल्द से जल्द अपना इलाज करवा कर वापस वतन लौट रहे हैं।
सेक्टर-21 स्थित एशियन अस्पताल में प्रति माह 100 मरीज इराक से आते हैं। अस्पताल की अंतरराष्ट्रीय बिजनेस डेवलपमेंट डायरेक्टर नेहा पांडे ने बताया कि अस्पताल की कुल कमाई का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा इराकी मरीजों से आता है। लेकिन इराक के गृहयुद्ध के कारण बिजनेस प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
पांडे के मुताबिक पिछले करीब 12 दिनों में तीन मरीज अपने इलाज के तुरंत बाद चले गए हैं, जबकि आम तौर पर इलाज के एक सप्ताह बाद तक वे रुकते थे। सभी मरीजों ने जल्दी जाने का कारण बताया कि उनके इमाम ने जंग में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
इस कारण वे जल्द से जल्द जाकर अपने देश में संघर्ष का हिस्सा बनना चाहते हैं। सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल में प्रतिमाह 20 मरीज आते हैं।
अस्पताल की अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव रिशू ने बताया कि फिलहाल अस्पताल इराक के जिन क्षेत्रों में से जुड़ा है, वह आतंकी हमलों से दूर हैं। फिर भी बिजनेस पर असर पड़ने की पूरी संभावना है। एस्कॉर्ट्स अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि वह अभी इस घटना के नफे-नुकसान की समीक्षा कर रहा है।
गौरतलब है कि शहर के निजी अस्पतालों में अधिकांश मरीज बगदाद से आते हैं। निजी अस्पतालों के अनुसार, यहां इंडियन एबेंसी है, जहां से वीजा जारी होते हैं। जब तक यह क्षेत्र सुरक्षित है, तब तक उम्मीद की जा सकती है कि लोग इलाज के लिए फरीदाबाद आते रहेंगे।
पीक टाइम से पूर्व सुलझे विवाद
शहर में अधिकांश इराकी अगस्त से लेकर अक्तूबर तक आते हैं। एशियन अस्पताल के प्रवक्ता धनंजय ने बताया कि अगर यही हालात पीक टाइम में भी रहते हैं तो मेडिकल टूरिज्म प्रभावित होगा।
इन बीमारियों के मरीज ज्यादा आते हैं:
किडनी, हार्ट, घुटना, कैंसर एवं स्पाइन आदि।