- 130 संबद्ध कॉलेजों और विश्वविद्यालय स्कूलों की 43 हजार से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन किया जा सकेगा आवेदन
-शिक्षा मंत्री आशीष सूद व कुलपति प्रो. महेश वर्मा ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश पुस्तिका जारी की
-नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 25 नए प्रोग्राम होंगे शुरु, करीब 400 से अधिक सीटों की होगी बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की 43 हजार से अधिक सीटों के लिए दाखिले की रेस 2 फरवरी से शुरु होने जा रही है। इसके लिए बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद व आईपीयू के कुलपति प्रो. डॉ. महेश वर्मा ने प्रवेश पुस्तिका (इन्फॉर्मेशन बुलेटिन) को जारी किया। आवेदन शुल्क के रूप में 2500 रुपये का भुगतान करना होगा जिसमें पंजीकरण और काउंसलिंग भागीदारी दोनों शामिल हैं। उम्मीदवार आईपी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल ipu.ac.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विवि इस शैक्षणिक सत्र से स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के 25 नए प्रोग्राम भी शुरू करने जा रहा है। इस कारण से 400 से अधिक सीटों भी बढ़ जाएंगी। विवि ने इस साल अपने साथ 9 नए संस्थानों को भी जोड़ा है, जिसमें से पांच स्ववित्तपोषित व चार सरकारी संस्थान हैं। इनके माध्यम से कुछ कोर्सेज चलाए जाएंगे। नए संस्थान जुडऩे व सीटों की संख्या में इजाफा होने के कारण 130 से अधिक संबद्ध कॉलेजों और विश्वविद्यालय स्कूलों में 43 हजार से अधिक सीटों के लिए इच्छुक उम्मीदवार दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब तक सीटों की संख्या करीब 40 हजार थी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 130 से अधिक संबद्ध संस्थान, 43,000 से अधिक सीटें, और एआईए रोबोटिक्सए डाटा साइंस, कानून, चिकित्सा और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में 230 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम विश्वविद्यालय की व्यापक दृष्टि को दर्शाते हैं।
बीटेक सीटें बचने पर सीयूईटी स्कोर से भरी जाएंगी
कुलपति ने बताया कि इस साल बीटेक कार्यक्रम में सीटें बचने पर उन्हें सीयूईटी स्कोर के माध्यम से भरने का फैसला किया है। अब तक बीटेक में दाखिले जेईई के माध्यम से होते थे। उन्होंने बताया कि आईपीयू के विभिन्न प्रोग्राम में दाखिला एंट्रेस टेस्ट सीईटी से होगा। इसके अलावा कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे जेईई मेन, नीट, कैट, सीएमएटी, निमसेट, क्लैट के आधार पर भी होगा। इसके अतिरिक्त कुछ स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए खाली सीटें कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से भरी जाएंगी।
यह नए पाठ्यक्रम शुरु किए जा रहे
आईपीयू में इस सत्र से 25 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। जिनमें बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) लेटरल एंट्री इन बीएस (पैकेजिंग टेक्नोलॉजी) एमटेक (रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एमए मास कम्युनिकेशन (वीकेंड प्रोग्राम), चयनित विषयों में अतिरिक्त वीकेंड कार्यक्रम, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ स्टडीज), बीटेक इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, बीएससी क्लिनिकल साइकोलॉजी, बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस) बीटेक (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स), टीचर एजुकेशन और इनक्लूसिव एजुकेशन और बीए बीएड (स्पेशल एंड इनक्लूसिव एजुकेशन-आईएसआईटीईपी शामिल हैं। स्पेशल इनक्लूसिव में इन विशेषज्ञताओं में कोर्स किया जा सकेगा, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, हियरिंग इम्पेयरमेंट, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी, लर्निंग डिसेबिलिटी, मल्टीपल डिसेबिलिटी, विजुअल इम्पेयरमेंट।
नौ नए संस्थान संबद्ध किए गए
इस वर्ष विश्वविद्यालय में नौ नए संस्थान संबद्ध किए गए हैं। इनमें से पांच स्व वित्तपोषित संस्थान हैं, जिनमें विज़न इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, एमआर भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, रॉयल इंटरनेशनल स्कूल ऑफ नर्सिंग, एशिया पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, शामिल है। जबकि चार सरकारी संस्थानों में स्वामी दयानंद अस्पताल, दिलशाद गार्डन है। यहां से एमडी जनरल मेडिसिन, एमडी एनेस्थीसियोलॉजी, एमडी डर्मेटोलॉजी, एमडी पैथोलॉजी, एमएस जनरल सर्जरी, एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी, एमएस ऑर्थोपेडिक्स, एमएस ईएनटी की पढ़ाई हो सकेगी। अन्य संस्थानों में दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्यूबरकुलोसिस एंड रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ेज़, गुरु नानक आई सेंटर शामिल है।
गुयाना में जल्द शुरू होगा कैंपस
आईपीयू का को-ऑपरेटिव रिपब्लिक ऑफ गुयाना में एक ऑफ-शोर कैंपस भी जल्द स्थापित होगा। इस संबंध में प्रस्ताव गुयाना सरकार के शिक्षा मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत-गुयाना शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। प्रस्तावित कैंपस में शिक्षक शिक्षा, प्रबंधन अध्ययन तथा उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, रोबोटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यहां स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम हाइब्रिड शिक्षण माध्यम से संचालित होंगे, जिनमें फैकल्टी एवं छात्र विनिमय, संयुक्त शोध और क्षमता निर्माण गतिविधियां शामिल होंगी। कोर्सेज की फीस का खर्चा वहां की सरकार ही उठाएगी।
ईएसआईसी मेडिकल जुड़ा, एमबीबीएस कर सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईपीयू से अब फरीदाबाद स्थित ईएसआईसी मेडिकल भी जुड़ गया है। अब तक आईपीयू यहां से मेडिकल स्नातकोत्तर की पढ़ाई करा था, लेकिन अब एमबीबीएस भी कर सकेंगे। वहीं तीन साल की एलएलबी को भी शुरू किया गया है। आईपीयू में पहले से पांच वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम चलते हैं, लेकिन कई छात्र पांच साल की एलएलबी नहीं करना चाहते। इसके लिए लिए ही तीन साल की शुरू की गई है। इसमें दाखिला आईपीयू अपने एंट्रेस सीईटी के माध्यम से लेगा। इसके लिए विवि को बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिल चुकी है।