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रुपये डालने वाली कंपनी ने कराई थी 1.5 करोड़ की लूट!

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कमला नगर स्थित सिटी बैंक एटीएम लूटपाट व गार्ड की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने एटीएम में रुपये भरने वाली कंपनी एसएमएस को भी क्लीन चिट नहीं दी है। पुलिस इस कंपनी के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है। इस बीच इस घटना में मारे गए गार्ड के शव का पोस्टमार्टम कर रविवार को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार वाले उसके शव को लेकर उसके पैतृक गांव दुर्गपुर मैनपुरी लेकर चले गए।
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गौरतलब है कि शनिवार सुबह कमला नगर के बंगलो रोड पर स्थित सिटी बैंक के एटीएम में रुपये डालने गए कैश वैन के गार्ड सतेंद्र सिंह की बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके बाद बदमाशों ने एक बैग और बॉक्स में भरे डेढ़ करोड़ रुपये लूटकर फरार हो गए।

उत्तरी जिला के करीब आधा दर्जन पुलिस टीम के साथ दिल्ली के स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले की जांच में जुटी है। जांच टीम अलग-अलग कोणों से छानबीन में जुटी है। एक टीम एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी एसएमएस के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी टीम इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी है। पुलिस इन फुटेज व स्थानीय नागरिक के बनाए गए वीडियो के आधार पर बदमाशों का स्केच तैयार करने में जुटी है। जांच में पता चला है कि वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक पर ग्लैमर बाइक का नंबर प्लेट लगा था। इस नंबर प्लेट की बाइक पीतमपुरा में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर है।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम मलकागंज इलाके में वह बैग मिल गया, जिसे बदमाश लूटकर ले गए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सर्च अभियान के दौरान पुलिस को पता चला है कि कुछ संदिग्ध लोग इस इलाके में रह रहे थे। जो वारदात के बाद से लापता हैं।
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किस तरह चल रही है जांच

अब तक 150 लोगों से हुई पूछताछ
पुलिस इस मामले में अब तक 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। वह कड़ियों को जोड़कर जांच करने में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि अब तक की जांच में पता चला है कि लूटपाट की वारदात में बदमाशों की कम से कम तीन टीमें काम कर रही थीं। एक टीम ने वारदात को अंजाम दिया। जबकि दूसरी टीम पास ही मौजूद होकर उन पर नजर रख रही थी। वहीं तीसरी टीम के उस जगह पर मौजूद होने की आशंका है जहां बदमाशों ने बैग से रुपये निकालकर उसे फेंका है। पुलिस उस इलाके के भी सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।

पुलिस को 26 संदिग्ध की तलाश
दिल्ली पुलिस को बैंक एटीएम लूट के मामले में 26 संदिग्ध लोगों की तलाश है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह 26 लोग एटीएम में रुपये डालने वाली कंपनी के पूर्व कर्मचारी हैं। जिन्होंने छह माह के अंतराल में कंपनी की नौकरी को छोड़ा है। कंपनी के जरिये इन लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि कंपनी में काम करने वाले या काम छोड़ चुके कर्मचारियों की जानकारी पर ही वारदात को अंजाम दिया गया है।

बदमाशों ने परिवार का सहारा छीना
एटीएम लूट के दौरान बदमाशों ने गार्ड सतेंद्र सिंह की हत्या कर उसके दुधमुहें बच्चे व परिवार का सहारा छीन लिया। उसके पिता और मां की बहुत पहले मौत हो चुकी है। उसके दो बड़े भाई का भी देहांत हो चुका है। अपने परिवार में सतेंद्र एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। सतेंद्र के शव को लेने उसकी पत्नी गीता अपने छह माह के बेटे गगन और जेठानी के साथ आई थी। उनके साथ सतेंद्र का चाचा सत्यदेव सिंह भी था। हालांकि दिल्ली व एनसीआर के अलावा गांव से करीब 40 लोग मोर्चरी पहुंचे थे।
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