लव जिहाद, राम मंदिर सहित तमाम मुद्दों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी से 'अमर उजाला' संवाददाता सोमदत्त शर्मा ने बातचीत की। प्रस्तुत है उसका प्रमुख अंश:
सवाल: अचानक लव जिहाद के मामले सामने आने लगे हैं, वजह?
वाजपेयी: हमने साजिश के शिकार लोगों को आवाज दी है। हमारी पहल के बाद लोग लव जिहाद की शिकायत पुलिस से करने लगे हैं। वृंदावन बैठक में इसे अपने एजेंडे में शामिल किया। इसके बाद लोगों ने हिम्मत दिखाकर इसका विरोध करना शुरू किया।
सवाल: क्या भाजपा दो धर्मों के बीच होने वाली शादी का विरोध कर रही है?
वाजपेयी: बिल्कुल नहीं, हम विरोध कर रहे हैं झूठी शादियों का। युवतियों को अपने झूठे आभामंडल में फंसाकर की जा रही शादियों का। धर्म परिवर्तन के इस गंदे खेल का सबसे बड़ा उदाहरण रांची का मामला है।
सवाल:बैठक के बाद आपकी पार्टी इस मुद्दे से पीछे क्यों हट गई?
वाजपेयी: हम कहां पीछे हट रहे हैं। आज भी हम इसका विरोध कर रहे हैं। लव जिहाद के खिलाफ हम हमेशा रहेंगे।
सवाल:राम मंदिर मुद्दे को भाजपा ने दूर क्यों कर दिया?
वाजपेयी: पहली बात राम मंदिर आंदोलन विश्व हिंदू परिषद् का था। हिंदू होने के नाते हमारी पार्टी का इसे समर्थन था। दूसरी बात राम मंदिर निर्माण को लेकर पार्टी आज भी प्रतिबद्ध है। मंदिर का निर्माण जरूर होगा, आप इंतजार कीजिए।
सवाल:उपचुनावों में केंद्रीय बल की मांग क्यों?
वाजपेयी: यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान यदि पर्याप्त संख्या में बूथों पर मौजूद रहते हैं तो सभी सीटें जीतेंगे, अन्यथा कुछ नहीं कहा जा सकता।
सवाल:नोएडा की जनता से आप क्या कहना चाहेंगे?
वाजपेयी: कथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के चक्कर में न पड़ें। राष्ट्रवादियों को वोट दें।