भाजपा नेता सिर्फ इवेंट और फोटोशूट में व्यस्त हैं जबकि दिल्ली की गलियों में कचरे और बदबू के कारण लोग परेशान हैं। सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सब कागजों में चमक रहे हैं। जमीनी हकीकत में हालात चिंताजनक हैं।
ये आरोप एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने रविवार को अमर उजाला कार्यालय में विशेष बातचीत के दौरान लगाए। नारंग ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए सौ दिन हो गए लेकिन पार्षद जनता के सवालों से मुंह मोड़कर सेल्फी और मंचों की सजावट में लगे हैं। चार इंजन की सरकार होने के बावजूद विकास ठप है। अब बहाने खत्म होने चाहिए। विपक्ष में रहते हुए भी आम आदमी पार्टी बयानबाजी नहीं कर रही है बल्कि घोटालों, फर्जी नियुक्तियों, प्रमोशन और सफाई की खामियों के ठोस सबूत पेश कर रही है। हमारे सवालों पर कई बार अधिकारियों को पसीना आ गया।
जवाब देने पड़े और जांच शुरू हुईं। कुछ इलाकों में कूड़ा उठना शुरू हुआ और यूजर चार्ज से जनता को राहत मिली। यह सब विपक्ष के दबाव का नतीजा है। हम गली-गली जाकर बताते हैं कि सफाई कर्मचारी कैसे परेशान हैं और क्यों कूड़ा नहीं हट रहा। कूड़े के पहाड़ और जलभराव पर हम सिर्फ शोर नहीं मचाते लिखित योजनाएं भी देते हैं।
भाजपा की ओर से मौजूदा हालात के लिए आप शासनकाल को जिम्मेदार ठहराने पर नारंग ने कहा कि हमारे कार्यकाल में सफाई की जवाबदेही तय थी। निगरानी ऐप शुरू हुए, कर्मचारियों को समय पर वेतन मिला और वार्ड स्तर पर जनता की सुनवाई शुरू हुई। हमने सुधार की नींव रखी लेकिन भाजपा ने आते ही उस पर मिट्टी डाल दी।
विपक्ष कमजोर नहीं, भाजपा डरती है
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष कमजोर होता तो सरकार हर बैठक में माइक बंद कर हमारी आवाज क्यों दबाती। सच यह है कि भाजपा बहुमत के नशे में लोकतंत्र का गला घोंट रही है। बोलने का मौका मिले तो विपक्ष की धार और तेज हो सकती है यह भाजपा जानती है। नारंग के मुताबिक जनता गुमराह नहीं होती लेकिन सरकारी मशीनरी का प्रचार असली तस्वीर छुपा देता है।
उपचुनाव को लेकर नहीं कर रहे नकारात्मक राजनीति
आगामी एमसीडी उपचुनाव को लेकर नारंग ने कहा कि हम नकारात्मक राजनीति नहीं कर रहे हैं बल्कि भाजपा वाले इस दिशा में कार्य कर रहे हैं और वह चुनाव से भी भागे हुए हैं। एमसीडी के 12 वार्ड एक साल से लेकर छह माह पहले रिक्त हुए थे लेकिन अभी तक चुनाव कराने की पहल नहीं हुई है। इस कारण उन वार्डों की जनता परेशान है। नारंग ने चुनौती दी कि चार इंजन की सरकार को अब बहाने नहीं काम करना होगा। दिल्लीवासी अब और इंतजार करने को तैयार नहीं हैं।