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टैटू के दीवानों के लिए साइबर सिटी में शानदार मौके

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सैफ, करीना, दीपिका, संजय दत्त सरीखे सिने स्टार्स के शरीर पर गुदे टैटू तो आपको याद होंगे। साइबर सिटी के युवाओं में अस्थायी टैटू का क्रेज देखते हुए पहली बार इंटरनेशनल टैटू कन्वेंशन का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि फिल्मी सितारों की हर बात की नकल उतारने वाले युवा आज भी इससे दूरी बनाए हुए हैं।
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देश की परंपरा का हिस्सा रही इस कला को हिन्दुस्तान में मुकाम हासिल कराने के लिए साइबर सिटी में इंटरनेशनल टैटू कन्वेंशन का आयोजन किया जा रहा है।

स्पेन, इटली, अमेरिका और यूरोपीय देशों की तर्ज पर टैटू आर्ट को ऊंचाई देने, युवाओं के बीच इसका क्रेज बढ़ाने आदि को लेकर देश के चुनिंदा टैटू आर्टिस्ट द्वारा पहल की जा रही है। इसी क्रम में 14 नवंबर से तीन दिवसीय टैटू कन्वेंशन में देश-दुनिया के नामचीन टैटू आर्टिस्टों का साइबर सिटी में जमावड़ा लगेगा।

यहां आएंगे दुनिया के टॉप 5 आर्टिस्ट

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साइबर सिटी के युवाओं को टैटू आर्टिस्टों और उनकी कलाकृतियों के नमूने देखने को मिलेंगे। आयोजक आलोक बताते है, तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान सेमिनार, प्रदर्शनी और प्रतियोगिताएं आदि आयोजित किए जाने हैं।

ताकि टैटू के प्रति स्वास्थ्य के नजरिए से समाज में जागरूकता लाई जा सके। युवाओं के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो और इसके शौकीनों से देश-दुनिया के टैटू कलाकरों से परिचित कराया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय टैटू आर्टिस्ट बनाएंगे टैटू
टैटू के दीवानों को दुनिया के टॉप-5 में शुमार यूएसए के जॉर्ज लॉपेज और इटली के एले टैटू समेत स्पेन व पोलैंड से टैटू कलाकार आएंगे। इसके अलावा कन्वेंशन में संजय दत्त के बाजू पर टैटू उकेरने वाले मुंबई के समीर पतंगे भी होंगे। एक आयोजक भारत सुनेजा कहते है कि इसमें देश-विदेश से कुल 70 टैटू आर्टिस्ट शामिल होंगे।
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प्रचलित डिजाइन पर एक नजर

-पोट्रेट, मॉर्डन आर्ट व  नाम के अक्षर
-विदेशों में प्रचलित डिजाइन
-चाइनीज कैरेक्टर टैटू
-क्रिमनल टैटू
-फाइव डॉट्स टैटू
-यूवी टैटू
-टीयर ड्राप टैटू
-लोवर बैक टैटू

.......ये भी जानें
टैटू एक तरह का गोदना है। अपने देश में इसकी पुरानी परंपरा है। गोवा के समुद्री इलाके व पर्यटनस्थलों पर विदेशी अक्सर अपने शरीर पर भारतीय संस्कृति के चिन्ह गुदवाते मिल जाएंगे। यूरोपीय एवं अमेरिकी देशों के युवा वर्ग में इसका बड़ा क्रेज है। विदेशों में इससे संबंधित कई कानून हैं। अपने देश में ऐसा कानून नहीं है। न ही टैटू बनाने वाले स्वास्थ्य विभाग से लाइसेंस लेते हैं।
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