प्रगति मैदान के ट्रेड फेयर अगर आप इस वक्त घूमने जा रहे हैं तो प्लास्टिक मनी साथ जाना बेहतर होगा। नोटबंदी की वजह से ट्रेड फेयर में पांच सौ व एक हजार की नोटों से अमूमन खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती। यहां तक कि इंट्री गेट पर टिकट मिलना भी मुश्किल होगा। इसकी जगह स्वैपिंग मशीन से आप नगदी का आसानी से लेन-देन कर सकते हैं। दूसरी ओर मेले में मौजूद एटीएम पर आज भी बिजनेस आवर में पहुंचे लोग लाइन में लगकर नोट पाने की जुगत में लगे रहे।
दरअसल, आईटीपीओ के साथ अलग-अलग बैंक भी ट्रेड फेयर में स्वैपिंग मशीन की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। अकेले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की छोटे कारोबारियों को भी दो हजार से ज्यादा स्वैपिंग मशीन देने की योजना है। इसके लिए बैंक अपने हेल्प डेस्क पर प्रगति मैदान में ही तत्काल कारोबारी का चालू खाता खोलकर मशीन दे रहा है। बाद में दूसरे प्रदेशों के कारोबारी अपना बैंक अकाउंट ट्रांसफर स्थानीय ब्रांच में करवा सकते हैं। इसी तरह की सुविधा दूसरे बैंक भी मुहैया करा रहे हैं।
दूसरी तरफ आईटीपीओ के सभी काउंटर पर स्वैपिंग मशीन की सुविधा है। मेले के दर्शक यहां पर अपना कार्ड स्वैप करके टिकट ले सकते हैं। मेट्रो के अलावा मेले के काउंटर पर 500 व 1000 रुपये की नोट नहीं चल रही है। मेला प्रशासन का कहना है कि दर्शकों को अपनी सहूलियत के लिए मेले में प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल करना चाहिए।
आईटीपीओ प्रशासन का कहना है कि बैंकों से भी बात चल रही है कि वह ज्यादा से ज्यादा स्वैपिंग मशीन सभी कारोबारियों को मुहैया कराएं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 फीसदी का कारोबार प्लास्टिक मनी से होता था। इस बार हमारी कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह सुविधा दिलाने की है।
हालांकि, प्रगति मैदान कैंपस में अलग-अलग बैंक मोबाइल एटीएम की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। लेकिन, कारोबारी दिवसों में ही यहां लंबी लाइन दिख रही है। वहीं, बीच-बीच में एटीएम में तकनीकी खराबी की समस्या भी बनी हुई है। इससे दर्शकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बीच दर्शकों का मेला घूमने का मजा किरकिरा हो जाता है।