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ढील दे दे रे भैया.: बांसेरा में पतंगबाजी की धूम, आसमान में लहराई पतंगें; मालदीव सहित कई देशों के राजदूत पहुंचे

Sun, 14 Jan 2024 11:37 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पहले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। रविवार तक चलने वाला यह महोत्सव सूर्य देव की उत्तरायण यात्रा और इससे जुड़े पर्व को दिखाता है। इस उत्सव का आयोजन डीडीए ने किया है।
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बांसेरा में मकर संक्रांति समारोह के हिस्से के रूप में डीडीए द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुना किनारे सराय काले खां स्थित बांस थीम पार्क बांसेरा में शनिवार को उपराज्यपाल सहित कई देशों के राजदूत पतंग उड़ाते दिखाई दिए। मौका था अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव का। यहां पर राजस्थान, सिक्किम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, लक्षद्वीप और गुजरात के 30 से अधिक पेशेवर पतंगबाजों ने सियाराम, तिरंगे, ट्रेन और चील सहित विभिन्न आकृतियों वाली पतंगें उड़ाई। एलजी के साथ मालदीव सहित 10 देशों के विदेशी दूत व राजनयिकों ने भी पतंगबाजी में हाथ आजमाया।

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शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पहले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। रविवार तक चलने वाला यह महोत्सव सूर्य देव की उत्तरायण यात्रा और इससे जुड़े पर्व को दिखाता है। इस उत्सव का आयोजन डीडीए ने किया है। यहां लोगों को आकर्षित करने के लिए पतंगों के इतिहास को प्रदर्शित करने वाला एक थीम मंडप भी बनाया गया है। साथ ही लोगों के लिए पतंग खरीदने और उड़ाने के लिए एक शास्त्रीय पतंग बाजार और पारंपरिक भोजन और हस्तशिल्प स्टॉल भी लगाए गए हैं।

समारोह में एलजी के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, सांसद हर्ष वर्धन, रमेश बिधूड़ी, गौतम गंभीर, विधायक ओ पी शर्मा, दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार और दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा सहित अन्य उपस्थित रहे। इसके अलावा, सेशेल्स, मंगोलिया, माली, बुरुंडी, बोलीविया, नाइजर, ऑस्ट्रिया, मालदीव, लीबिया और पेरू सहित अन्य देशों के विदेशी दूतों और राजनयिकों ने भी महोत्सव में भाग लिया।
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पतंग उत्सव में शामिल हों लोग : एलजी
पतंग उत्सव के दौरान एलजी वीके सक्सेना ने सभी लोगों से इन उत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस त्योहार का आनंद उठाए। लोहड़ी, मकर संक्रांति, बिहू, माघी, उत्तरायणी और पोंगल के शुभ अवसर पर त्योहारों का आनंद लेने के लिए इस उत्सव का आयोजन किया गया है। बांसेरा को महज छह माह में तैयार किया गया है। इसमें असम सहित अन्य जगहों से लाए गए 30 हजार से अधिक विशेष प्रकार के बांस के पौधे यहां लगाए गए हैं। इसकी नींव अगस्त 2022 में रखी गई थी। डीडीए यमुना के बाढ़ क्षेत्र को सुंदर बनाकर इसका कायाकल्प कर रहा है। बता दें कि यहां सितंबर 2023 में एक संगीतमय फव्वारे भी शुरू किया गया था। यह यमुना नदी के तट पर बनाई गई अपनी तरह की एक सार्वजनिक मनोरंजन सुविधा है।

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