- एक आरोपी ने कंबोडिया और थाईलैंड में ली थी ट्रेनिंग, अभी तक कर चुके 3.60 करोड़ की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश कर दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये एपीके फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक कर ठगी करते थे। पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित शास्त्रीपुरा निवासी रामअवतार सिंह और अंबेडकर पार्क निवासी विक्रांत सोनी के रूप में हुई है। यह गिरोह अब तक करीब 3.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस को पीयूष नाम के पीड़ित ने करीब पौने सात लाख रुपये ठगी की शिकायत दी थी। ठगों ने उनके बैंक खाते से पैसे निकाले थे। पुलिस जांच सामने आया कि उनके मोबाइल फोन में एक संदिग्ध एपीके फाइल इंस्टॉल की गई थी, जिसके जरिए ठगों ने वारदात को अंजाम दिया।
आगरा के खाते में ट्रांसफर हुई थी रकम : मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी जांच, बैंक लेनदेन का विश्लेषण और सर्विलांस के आधार पर आरोपियों का पता लगाया। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम आगरा के एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। फिर पुलिस ने राम अवतार और विक्रांत आगरा से गिरफ्तार किया।
विक्रांत ने कंबोडिया में ली थी ठगी की ट्रेनिंग : पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विक्रांत सोनी वर्ष 2023 में एक महिला के संपर्क में आया, जिसने उसे कंबोडिया में नौकरी का झांसा दिया। वहां उसे चीनी नागरिक के जरिए साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग दी गई। उसे भारतीय लोगों को निशाना बनाकर फर्जी एपीके लिंक भेजने सहित ठगी के अन्य तरीके सिखाए गए। भारत लौटने के बाद उसने अपना गिरोह बनाया और टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी संचालकों के संपर्क में रहकर ठगी को अंजाम दिया।
आरोपी चला रहे थे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क : पुलिस को आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, टेलीग्राम चैट, बैंक डिटेल्स और अन्य सबूत मिले हैं। यह अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क चला रहे थे। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य जालसाजों व विदेशी हैंडलर्स की तलाश में जुटी हुई है। इस गिरोह में अन्य सहयोगी भी शामिल थे, जो बैंक खातों के जरिए पैसों को इधर-उधर करते थे।