उत्तर रेलवे कर्मचारी के परिजनों को 40 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश अदालत ने बीमा कंपनी को दिया है। इस कर्मचारी की 2014 में सड़क हादसे में कंटेनर की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
तीस हजारी स्थित एमएसीटी जज अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने नरेंद्र कुमार के परिजनों को 40,30,503 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।
अदालत ने अपने फैसले में माना कि यह हादसा कंटेनर चालक की गफलत व लापरवाही के कारण हुआ था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कंटेनर ने मृतक की बाइक को पीछे से टक्कर मारी थी। अगर चालक को सही रफ्तार पर चलाता तो यह हादसा रोका जा सकता था। अदालत ने मुआवजा राशि मृतक की पत्नी शर्मिला व तीन नाबालिग बच्चों को दिया है।
याचिका के मुताबिक यह हादसा 26 अप्रैल 2014 को उस समय हुआ था जब नरेंद्र खड़खड़ी गांव से अपने घर गाजियाबाद लौट रहा था। उसकी बाइक को कंटनेर ने पीछे टक्कर मार दी थी। इस हादसे में आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी।