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स्कूलों की तर्ज पर अब विश्वविद्यालयों में भी होगा एक घंटे का स्पोर्ट्स पीरियड, प्लान तैयार

Sun, 13 Oct 2019 09:55 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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देशभर में स्कूलों की तर्ज पर अब विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी एक घंटे का स्पोर्ट्स पीरियड होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसके लिए विशेष गाइडलाइन तैयार की है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में एक घंटे तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने पर काम होगा। इसमें छात्रों के पास स्पोर्ट्स, योग और साइकिलिंग का विकल्प रहेगा।

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आयोग ने देश के सभी 750 विश्वविद्यालयों को फिटनेस प्लान की गाइडलाइन भेजी है। उच्च शिक्षण संस्थानों को इस गाइडलाइन को इसी सत्र से लागू करना अनिवार्य है। इसे इंस्टीट्यूशन फिटनेस प्लान का नाम दिया गया है। छात्रों के साथ शिक्षक व कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में एक घंटे प्रतिदिन फिटनेस प्रोग्राम होगा। 

इस दौरान योग, साइकिलिंग, ध्यान (मेडिटेशन), दौड़, मैराथन, वॉकथन, नृत्य, पारंपरिक विद्याओं के माध्यम से मानसिक व शारीरिक फिटनेस को ठीक करने पर फोकस किया जाएगा। छात्रों, शिक्षकों व कर्मियों को फिट रखने के लिए संस्थान को फिटनेस ट्रेनर मेंटर के रूप में रखने होंगे। इस गाइडलाइंस के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को हर तीन महीने में स्पोर्ट्स पर आधारित कार्यक्रम आयोजित करने अनिवार्य होंगे। विश्वविद्यालयों से कैंपस में होने वाली विभिन्न गतिविधियों को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने को भी कहा गया है।

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मानसिक व फिटनेस जांच करवाने का भी सुझाव
आयोग ने अपनी गाइडलाइन में छात्रों, शिक्षकों व कर्मियों की नियमित जांच का भी सुझाव दिया है। इसमें मानसिक और शारीरिक जांच शामिल है। हालांकि यक सुझाव अनिवार्य नहीं है। यदि कोई स्वेच्छा से मानसिक व शारीरिक जांच करवाना चाहता है तो संस्थान मदद करेगा।

कैंपस में बनाने होंगे पैदल चलने के लिए ट्रैक
आयोग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने कैंपस में पैदल चलने वाले रास्ते बनाने का सुझाव दिया है। इसका मकसद कैंपस में एक विभाग, हॉस्टल, लाइब्रेरी से आने-जाने में कार या बाइक की बजाय पैदल चला जाए। इससे पर्यावरण के साथ छात्र, शिक्षक व कर्मी फिट रहेंगे। इसके चलते थोड़ा-थोड़ा पैदल चलने की आदत भी दिनचर्या में शामिल हो जाएगी।
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