इंडियन नेशनल लोकदल पिछले पांच विधानसभा चुनावों में फरीदाबाद में कुछ बेहतर नहीं कर सका है। इनेलो को फरीदाबाद क्षेत्र में अब तक मिले वोटों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो देखने को मिलेगा कि कभी इसकी आंधी चली तो कभी इसके प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।
कई बार गठबंधन की राजनीति इनेलो को भी रास आई। वर्ष 1977 से लेकर अब तक के इतिहास में पहले देवीलाल फिर ओम प्रकाश चौटाला की अगुवाई में अलग-अलग नामों से चली आ रही पार्टी यहां पर शुरुआती दौर में ही अपना सबसे बेहतर परिणाम दे सकी है। पार्टी इस बार अकेले चुनावी मैदान में है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद इनेलो को इस बार काफी मेहनत करने की जरूरत होगी। वर्ष 1977 में प्रदेश में चली देवीलाल की लहर के कारण फरीदाबाद के छह विधानसभा क्षेत्रों में से राष्ट्रीय स्तर पर कई दलों के विलय पर बनी जनता पार्टी ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। इस चुनाव में सिर्फ बल्लभगढ़ की सीट उन्होंने गंवाई।
वर्ष 1982 में देवीलाल की अगुवाई में लोकदल अस्तित्व में आया। जिले में उसने दो सीटों पर कब्जा किया।