वेबसाइट के हर पेज पर होगी टाइम स्टैम्प, अभी केवल आपातकालीन सुविधाओं की मिल रही जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में सर्जरी के लिए बिस्तर, इलाज के लिए निजी वार्ड में बेड, प्रयोगशाला व रेडियोलॉजी में जांच की तारीख के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में एम्स के डैशबोर्ड पर ही यह सभी जानकारी मिल सकेगी। रियल टाइम सूचना के लिए डैशबोर्ड के हर पेज पर टाइम स्टैम्प भी लगी होगी। अभी तक डैशबोर्ड पर मुख्य अस्पताल और एम्स ट्रामा सेंटर की आपातकालीन सुविधा की जानकारी मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एम्स में प्रति दिन करीब 15 हजार मरीज ओपीडी में इलाज करवाने आते हैं जिनमें से करीब डेढ़ से दो हजार मरीज रोज भर्ती होते हैं। इतने ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी मिलती है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीज सर्जरी, जांच व दूसरे इलाज के लिए इंतजार में रहते हैं। इन मरीजों को बिस्तर, जांच, सर्जरी सहित अन्य जानकारियां देने के लिए डैशबोर्ड को अपडेट किया जा रहा है।
एम्स के निदेशक डॉ. प्रोफेसर एम श्रीनिवास ने नए बदलावों से जुड़ा आदेश जारी किया है। आदेश के तहत एम्स के पेशेंट केयर डैशबोर्ड का विस्तार किया जा रहा है। इसमें कई नई जानकारी को जोड़ा जाएगा जिसमें सर्जरी, बिस्तर आवंटन, लैब जांच सहित दूसरी सुविधा की जानकारी है। इसके आधार पर मरीज तारीख का आकलन लगा सकेंगे। उसी आधार पर वह एम्स में आसानी से इलाज भी करवा सकेंगे।
दूसरे राज्यों के मरीजों को होगा फायदा
डैशबोर्ड के अपडेट होने के बाद दिल्ली एम्स में इलाज करवाने आ रहे दूसरे राज्यों के मरीजों को फायदा होगा। मौजूदा समय में काफी मरीज एम्स में आकर दो से तीन दिनों तक इंतजार करते हैं। कई बार उन्हें लंबे समय तक दिल्ली में ही रहना पड़ता है। ऐसे में डैशबोर्ड की मदद से उन्हें उचित जानकारी मिल सकेगी।
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डैशबोर्ड पर यह जानकारी भी मिल सकेगी
- सामान्य वार्ड बिस्तर आवंटन
- निजी वार्ड आवंटन
- डे केयर सेवाएं
- शल्य चिकित्सा सेवाएं
- विशेषीकृत परीक्षणों सहित प्रयोगशाला परीक्षण
- रेडियोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन सहित इमेजिंग मोडैलिटीज
- लीनेक, ब्रैकीथेरेपी सहित अन्य चिकित्सीय सेवाएं
तीन माह से कछुआ चाल
एम्स के डैशबोर्ड को अपडेट करने के लिए प्रशासन कछुआ चाल चल रहा है। एम्स निदेशक डॉ. प्रोफेसर एम श्रीनिवासन ने 27 मार्च को एक आदेश जारी किया था। आदेश को करीब चार माह होने वाले हैं लेकिन डैशबोर्ड पर अभी भी एम्स के तरफ से केवल आपातकालीन सुविधाओं की जानकारी ही मिल रही है। वहीं, मरीजों का दावा है कि डैशबोर्ड की जानकारी और मौजूदा स्थिति अलग होते हैं। यदि कोई तीमारदार मुख्य अस्पताल के आपातकालीन विभाग के खाली बिस्तर देखकर मरीज को लेकर आता हैं तो उन्हें बिस्तर खाली न होने की बात बताई जाती है। हालांकि, एम्स प्रशासन का दावा है कि डैशबोर्ड को अपडेट किया जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डैशबोर्ड से ही सभी प्रकार की उचित जानकारी मिल जाएगी।
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17 जुलाई को आए मरीज
- ओपीडी में आए मरीज - 13,961
- भर्ती हुए मरीज - 1,157
- मरीज को मिली छुट्टी - 959
- जांच के लिए सैंपल लिए गए- 15,133