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दिल्ली पुलिस का जुल्म, मुक्का मारकर फोड़ दी आंख

Sun, 02 Mar 2014 12:36 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस ने एक अर्जुन अवार्डी नेत्रहीन एथलीट के एशियन गेम्स ट्रायल की ओपन चैंपियनशिप में भाग लेने का सपना चकनाचूर कर दिया।
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राहुल गांधी के आवास के बाहर डिसएबिलिटी एक्ट में प्रस्तावित बदलाव का विरोध करने पहुंची भीड़ पर पिले पुलिस वालों के मुक्के की चपेट में आने से अर्जुन अवार्डी एथलीट रामकर्ण सिंह की आंख से अब पूरी तरह दिखना बंद हो गया है। राम का आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रामकर्ण बी-3 श्रेणी के नेत्रहीन हैं। मूल रूप से कानपुर निवासी राम कर्ण सिंह जीटीवी नगर स्थित एचसीजीबीएस हॉस्टल में रहते हैं और खिलाड़ी होने के साथ-साथ डीयू से एमए हिंदी भी कर रहे हैं। राम के मुताबिक, डिसएबिलिटी एक्ट में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में वे बृहस्पतिवार को नेत्रहीन युवकों के साथ राहुल गांधी के आवास के बाहर जाने लगे तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
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इसी दौरान पुलिस ने बल का प्रयोग किया जिसमें एक पुलिस कर्मी ने उन्हें रोकने के लिए मुक्का मारा। मुक्का सीधा उनकी आंख में लगा। मुक्का लगने से उनकी आंख से खून निकलना शुरू हो गया। पुलिस ही उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर गई।

डॉक्टरों ने जांच में पाया कि आंख में लगा लैंस टूटने से पुतली व परदे पर खून आने से दिखना बंद हो गया है। हालांकि जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। यदि रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो फिर आंख का बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
राम चीन में आयोजित एशियन गेम्स की 8 सौ मीटर दौड़ में स्पोर्ट्स नेत्रहीन बी-3 वर्ग के तहत सिल्वर मेडल जीता था।

इसी श्रेणी में वर्ष 2011 में टर्की में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप एंड गेम्स में 5 व 10 किलोमीटर दौड़ में कांस्य पदक, वर्ष 2012 में मलेशिया में हुए ओलंपिक क्वालिफाइंग राउंड की ओपन चैंपियनशिप में 8 सौ व 15 सौ मीटर दौड़ में दो गोल्ड जीते थे। इसी प्रतियोगिता में 8 सौ मीटर दौड़ में राम ने एशियन रिकार्ड भी तोड़ा था।
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इसी के चलते केंद्र सरकार ने वर्ष 2012 में राम कर्ण सिंह को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया था। हालांकि राम इन दिनों बीजिंग में 10 अप्रैल को आयोजित होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल की ओपन चैंपियनशिप में भाग लेने का सपना देख रहे थे, लेकिन आंख से बिल्कुल भी दिखाई न देने के चलते उनका यह अरमान पूरा होता नहीं दिख रहा है।
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