भारत में भविष्य की रेल कैसी होगी इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने कपूरथला कोच फैक्ट्री में बने इस ट्रेन के मॉडल कोच को नकार दिया है।
अब इसे फिर से तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अब अगले साल फरवरी महीने में ही इस ट्रेन का नया कोच हो सकेगा तैयार। केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की ड्रीम ट्रेन में शुमार तेजस ट्रेन को रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने खारिज कर दिया है।
दरअसल, तैयार कोच रेलवे अधिकारियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था, लिहाजा इसे फिर से कोच फैक्ट्री के इंजीनियरों को तैयार करने को कहा गया है। अब इस ट्रेन का एक एसी चेयर क्लास वाला कोच अगले साल फरवरी महीने तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। लिहाजा इस साल यह ट्रेन नहीं चल पाएगी।
रेल मंत्री के ड्रीम ट्रेन में शुमार है यह आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
रेलमंत्री सुरेश प्रभु
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रेलवे बोर्ड के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार तेजस ट्रेन को चलाकर रेलवे यह दिखाने का प्रयास करेगा कि भारत में चलने वाली भविष्य की ट्रेन कैसी होगी। लेकिन कपूरथला कोच फैक्ट्री में तैयार कोच देखने में वह बिलकुल ही साधारण एलएचबी कोच की तरह था।
यह ट्रेन पूरे तरीके से आधुनिक सुविधाओं वाली होगी, जिसमें पहली बार किसी ट्रेन को पूर्णत: स्वचालित गेट वाला बनना है। रंग-रोगन भी आकर्षक होगा। इसके शौचालय में गीले हाथ को सुखाने के लिए ड्रायर मशीन भी लगी होगी।
एयरपोर्ट मेट्रो कोच की तरह डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड लगा होगा, यानी इस बोर्ड में कितने किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चल रही है, अगला स्टेशन कौन सा है, यात्रियों को जानकारी होती रहेगी। फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम से कोच लैस होगा।
बता दें कि केंद्रीय रेल मंत्री ने बजट भाषण में चार तरह की नई ट्रेन चलाने की घोषणा किए थे, जिसमें उदय, हमसफर, अंत्योदय और तेजस ट्रेन शामिल थीं।