टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों ने प्रेसवार्ता कर कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर भी आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। आरोप लगाया कि भाजपा के आईटी सेल के इशारे पर उनके ट्विटर और फेसबुक एकाउंट बंद व हैक किए जा रहे हैं। ट्विटर पर आंदोलन का समर्थन करने वाले अब तक आधा दर्जन से अधिक खातों को बंद किए जा चुके है।
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने कहा कि भाजपा आईटी सेल ने दो बार ट्रैक्टर टू ट्विटर एकाउंट बंद करने की कोशिश की। सरकार के इशारे पर पहले किसानों की बिजली-पानी सप्लाई बंद की गई और फिर आंदोलन स्थलों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी। मोबाइल का नेटवर्क खराब किया गया, ताकि किसानों का एक-दूसरे से संपर्क टूट जाए। बावजूद, किसानों ने हार नहीं मानी तो उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि किसानों के खिलाफ सरकार जो भी हथकंडे अपना ले, लेकिन वह किसानों के जज्बे को नहीं तोड़ पाएगी। जब तक नए कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता है, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मुंबई से पहुंचे झुग्गी-झोपड़ी मजदूर संगठन के कार्यकर्ता
टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को मुंबई से आए झुग्गी-झोपड़ी मजदूर संगठन के लोगों ने किसानों का समर्थन किया। उगराहां के प्रदेश सचिव सिंगारा सिंह मान ने कहा कि कृषि विरोधी कानूनों को लागू करने से पहले ही देश की अर्थव्यवस्था खराब थी। सरकार ने उसे दुरुस्त करने के बजाय कृषि कानूनों को बनाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। अर्थव्यवस्था चौपट होने के कारण गरीबों को दो वक्त का भोजन जुटाने में परेशानी हो रही है।