देश भर में चल रहे रोजगार कार्यालय बंद होंगे। इसे करियर गाइडेंस सेंटर के रूप में तब्दील किया जाएगा। जहां युवाओं की अपनी कौशल परखने के साथ उसे उन्नत बनाने का मौका मिलेगा।
इसके लिए केंद्र सरकार काम कर रही है। बृहस्पतिवार को एमजी रोड स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में देश का पहला मॉडल करियर सेंटर का उद्घाटन करने आए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दी।
मंत्री ने बताया कि अब रोजगार कार्यालय केवल शोपीस बनकर रह गया है। यह केवल चुनिंदा बेरोजगारों को रोजगार दे रहा है। इससे युवाओं को लाभ नहीं मिल रहा है। मौजूदा समय टेक्निकल और सॉफ्ट स्किल है।
इसे ध्यान में रखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने रोजगार कार्यालय को नेशनल करियर काउंसिल सेंटर के रूप में बदलने का निर्णय लिया है। इसमें नेशनल करियर सर्विस की मदद ली जाएगी। यहां उद्योग और नौकरी की तलाश में युवाओं दोनों को मौका मिलेगा। कौन-कौन सी नौकरी चाहिए?
उन्होंने बताया कि देश के 389 रोजगार कार्यालय में तीन करोड़ लोग रजिस्टर्ड हैं। इन युवाओं को उनकी शिक्षा और कौशल के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा। इन युवाओं की प्रतिभा और कौशल को निखारने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय करीब 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
शुरुआती तौर पर देशभर में 100 मॉडल करियर सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया है। हरियाणा में पांच सेंटर खुलेंगे। इस करियर काउंसिल सेंटर के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्लैगशिप प्रोग्राम मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया को साकार किया जाएगा। इससे युवाओं को मौका मिलेगा।
एससी-एसटी के लिए कोचिंग की होगी व्यवस्था
एससी-एसटी के युवाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अलग से व्यवस्था करने जा रही है। इसके लिए देशभर में 24 नए करियर गाइडेंस सेंटर ट्रेनिंग खोले जाएंगे। जिसमें युवाओं को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री समेत अन्य उद्योगों को साथ लेकर उन्हें मुख्य धारा के लिए तैयार किया जाएगा।