विश्व एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारत-पाक कबड्डी टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी फरीदाबाद के गांव मिंड कोला को मिली है। यहां स्थित राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में छह अप्रैल को भारत-पाक के बीच पहला मुकाबला खेला जाएगा।
इस संबंध में सेक्टर-12 खेल परिसर में सोमवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें पाकिस्तानी टीम के कोच मोहम्मद तयाब गिलानी और भारतीय टीम के कोच बीएस चपराना मौजूद रहे।
जानकारी देते हुए चपराना ने बताया कि भारत और पकिस्तान के बीच सद्भावना व भाईचारे के संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से ही यह टूर्नामेंट आयोजित किया गया है। पाकिस्तान की टीम को सूरजकुंड रोड़ स्थित राजहंस होटल में ठहराया गया है। उनके रहने-खाने की व्यवस्था फेडरेशन की ओर से ही की गई है। उन्होंने बताया कि इस मैच को देखने के लिए शहरवासियों में खासा उत्साह है। हर मैच में तीन से चार हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
चपराना ने बताया कि दोनों टीमों के बीच पांच मैच खेले जाएंगे, इनमें से तीन मैच जीतने वाली टीम विजेता रहेगी। पहला मैच 6 अप्रैल को गांव मिंड कोला स्थित सरकारी स्कूल, 7 अप्रैल को गांव नीमका स्थित राजा जैतसिंह स्टेडियम, 8 अप्रैल को हिसार, 9 अप्रैल को मेवला महाराजपुर स्थित राजकीय सीनियर सैकेंड्री स्कूल और 10 अप्रैल को फाइनल मुकाबला मोहना गांव में खेला जाएगा। सभी मैच शाम 4 बजे से शुरू होंगे।
खिलाड़ियों के लिए आसान हो वीजा प्रक्रिया: गिलानी
फरीदाबाद। शहर पहुंचे पकिस्तान कबड्डी टीम के कोच मोहम्मद तयाब गिलानी ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए वीजा की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए। वीजा में देरी खिलाड़ी के अभ्यास पर बुरा असर डालती है। उन्होंने बताया कि भारत आने के लिए 12 दिसंबर को वीजा एप्लाई किया था, जोकि तीन महीने बाद एक अप्रैल को मिला। कभी पठानकोट मामले के चलते वीजा रद्द हुआ, तो कभी जाट आंदोलन इसकी वजह बना। वीजा में देरी से खिलाड़ियों के अभ्यास पर फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के खिलाड़ियों को तीन से चार दिन में वीजा उपलब्ध करवाने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह गत दो मैच भारत से हार चुके हैं, लेकिन इन मैचों में हुई गलतियों को उन्होंने दूर किया है। उन्होंने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। लेकिन एक अच्छा खिलाड़ी वही है जो हार से सीख लेकर आगे बढ़े।