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आयकर विभाग से 600 करोड़ वापस लेगा प्राधिकरण

Thu, 07 Apr 2016 05:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नोएडा
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टैक्स - फोटो : Demo
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अब नोएडा प्राधिकरण टीडीएस के रूप में ली गई 600 करोड़ की रकम आयकर विभाग (आईटी) से वापस लेगा। हाईकोर्ट से फैसला पक्ष में आने के बाद प्राधिकरण इस तैयारी में जुट गया है। दरअसल, जमीन आवंटन से मिली रकम को प्राधिकरण ने विभिन्न बैंकों की नोएडा स्थित करीब 47 शाखाओं में जमा कर रखा है। रकम हजारों करोड़ में होने से काफी ब्याज मिलता है। इस रकम पर आयकर विभाग टीडीएस चाहता है, जो कि ब्याज की कुल रकम का 10 फीसदी होता है।
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प्राधिकरण इसका विरोध करता रहा है। प्राधिकरण का तर्क है कि नोएडा का गठन औद्योगिक विकास अधिनियम के तहत हुआ है। वह ‘नो प्रॉफिट नो लॉस’ पर काम करता है। जमीन आवंटनों व अन्य स्रोतों से मिलने वाली रकम को नगर निगम की तरह शहर के विकास कार्यों और रख रखाव पर खर्च करता है। इस कारण टीडीएस मांगना गलत है।

आयकर विभाग प्राधिकरण की इन दलीलों को नहीं मान रहा। विभाग का कहना है, कि नगर निगम या स्थानीय प्राधिकरण को ही टैक्स से छूट है। नोएडा प्राधिकरण तो किसानों से जमीन खरीदता है और उसे आवंटियों को बेचता है। इस बीच मोटा लाभ कमाता है। उस रकम को बैंक में रखकर ब्याज भी ले रहा है। विभाग का यह भी तर्क है कि डीडीए की जमा रकमों पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस कटता है, तो नोएडा को छूट क्यूं दी जाए। टैक्स से सिर्फ एमसीडी जैसे संस्थानों को छूट है।
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प्राधिकरण ने आयकर की नोटिस के जवाब में ट्रिब्युनल में अपील की थी। ट्रिब्युनल ने भी प्राधिकरण केपक्ष मे हीं फैसला सुनाया था, जिस पर आयकर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने बीते 4 अप्रैल को ब्याज पर टीडीएस न काटने का फैसला सुनाया है।

इस विवाद के बीच आयकर के नोटिस पर बैंक प्राधिकरण को जमा रकम की ब्याज पर टीडीएस काटकर भुगतान करते रहे। बैंकों ने 2002-2003 से अब तक आयकर को करीब 600 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसके बावजूद आयकर ने करीब 1000 करोड़ रुपये बतौर टीडीएस और जमा करने का नोटिस भी भेज रखा है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले को आधार बनाकर आयकर से पूरी रकम वापस ली जाएगी, न मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस रकम को विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। उधर, आयकर विभाग भी हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।

हाईकोर्ट के इस फैसले से ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को भी राहत मिलेगी। इन दोनों प्राधिकरणों को भी ब्याज पर टीडीएस देना पड़ता है। हाल ही में यमुना प्राधिकरण ने आयकर विभाग को 86 करोड़ रुपये बतौर टैक्स दिया भी है। यह रकम नोएडा प्राधिकरण से कर्ज लेकर चुकाई है।

नोएडा प्राधिकरण ने भविष्य में यमुना प्राधिकरण को कर्ज देने पर रोक लगा दी है। यमुना प्राधिकरण अब तक नोएडा से अलग-अलग समय में 100, 41 और 86 करोड़ रुपये ले चुका है। इसके अलावा 250 करोड़ रुपये और मांगा है, जिसे देने से नोएडा प्राधिकरण ने मना कर दिया है। नोएडा प्राधिकरण कई और संस्थानों को कर्ज मुहैया कराता रहा है, जिनमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, अवस्थापना विकास कोष, आगरा विकास प्राधिकरण आदि शामिल हैं।
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