आयकर विभाग ने प्राधिकरण को 75 ठेकेदारों की सूची भेजी है। इनको एक अप्रैल 2014 से आवंटित कार्यों के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है।
आयकर विभाग की तरफ से सूची छह जनवरी को भेजी गई है। 7 जनवरी को सूची मिलते ही प्राधिकरण ठेकेदार और उनकी कंपनियों का विवरण तैयार कराने में जुट गया है।
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा ठेकेदार सिविल कार्यों से जुड़े हैं। सभी वर्क सर्किल, विद्युत यांत्रिकी खंड व अन्य संबंधित विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
एक-दो दिन में ही रिपोर्ट बनाकर भेज दी जाएगी। बताया जाता है कि आयकर को यादव सिंह के यहां छापे के दौरान ठेकेदारों की जो सूची मिली थी, उसी के आधार पर आयकर जांच को आगे बढ़ाते हुए 75 ठेकेदारों की डिटेल जुटा रहा है।
इससे पहले प्राधिकरण आयकर विभाग को 2001 से 2011 तक के कार्यों का पूरा विवरण बनाकर भेज चुका है। गौरतलब है कि यादव सिंह को फरवरी 2014 में जनस्वास्थ्य और उद्यान विभाग का चार्ज दिया गया था। वहीं, प्राधिकरण की तरफ से भी यादव सिंह की पदोन्नति व संपत्ति की विभागीय जांच अभी चल रही है।
तीन माह में रिपोर्ट आएगी। 27 नवंबर को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के प्रमुख अभियंता के यहां आईटी का छापा पड़ा था। आईटी की रिपोर्ट के बाद प्राधिकरण ने यादव सिंह को सस्पेंड कर दिया था।