डॉ. वृषाली कुलकर्णी
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भूमिजा और लिविंग विदाउट मेडिसिन की ओर से महिला स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चल रहे वेबिनार की तीसरी कड़ी में शुक्रवार को मधुमेह और मोटापे पर केंद्रीत थी। 10 मार्च से शुरू हुआ यह आयोजन 15 मार्च तक चलेगा, जिसमें मोटापा, गठिया (ऑर्थराइटिस), ऑस्टोपोरोसिस, प्रि-मैनोपॉज और मैनोपॉज, हाइपोथाइराइड के अलावा कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के बारे में चर्चा होगी।
आयुर्वेद, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा (नैचुरोपैथी) के क्षेत्र की अनुभवी महिला चिकित्सक रोज रात आठ बजे इन स्वास्थ्य मुद्दों पर लाइव बात कर रही हैं। आने वाले दिनों में हैल्थ फूड पर काम करने वाली महिला उद्यमी भी अपने अनुभव साझा करेंगी।
डॉ. वृषाली कुलकर्णी ने शुक्रवार को मधुमेह और मोटापा के बारे में जानकारी देेते हुए बताया कि ये दोनों बिमारियां समानांतर चलती हैं।उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जीवन का ज्ञान है - यह निवारक और उपचारात्मक दोनों है। निवारक में दिनचर्या और ऋतुचर्या शामिल हैं, जिसका आज हम 10 प्रतिशत भी पालन नहीं करते हैं।
उन्होंने बताया कि यह पांच तत्वों का असंतुलन है जो विशेष रूप से अग्नि और कृषि तत्व के कम होने का कारण आता है। मधुमेह (डायबिटीज) के दौरान, पेशाब बार-बार आता है क्योंकि जलमहाभुत या वात तत्व असंतुलित होता है और अग्नि तत्व कम हो जाती है। इसके निवारण के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना महत्वपूर्ण है, जो पानी की मात्रा को कम करते हैं और अग्नि तत्व में सुधार करते हैं।