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भूमिजा वेबिनार की तीसरी कड़ी में डॉ. वृषाली कुलकर्णी ने दिए मधुमेह से लड़ने के आयुर्वेदिक उपाय 

Sat, 14 Mar 2020 06:36 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डॉ. वृषाली कुलकर्णी - फोटो : अमर उजाला
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भूमिजा और लिविंग विदाउट मेडिसिन की ओर से महिला स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चल रहे वेबिनार की तीसरी कड़ी में शुक्रवार को मधुमेह और मोटापे पर केंद्रीत थी। 10 मार्च से शुरू हुआ यह आयोजन 15 मार्च तक चलेगा, जिसमें मोटापा, गठिया (ऑर्थराइटिस), ऑस्टोपोरोसिस, प्रि-मैनोपॉज और मैनोपॉज, हाइपोथाइराइड के अलावा कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के बारे में चर्चा होगी। 

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आयुर्वेद, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा (नैचुरोपैथी) के क्षेत्र की अनुभवी महिला चिकित्सक रोज रात आठ बजे इन स्वास्थ्य मुद्दों पर लाइव बात कर रही हैं। आने वाले दिनों में हैल्थ फूड पर काम करने वाली महिला उद्यमी भी अपने अनुभव साझा करेंगी।

डॉ. वृषाली कुलकर्णी ने शुक्रवार को मधुमेह और मोटापा के बारे में जानकारी देेते हुए बताया कि ये दोनों बिमारियां समानांतर चलती हैं।उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जीवन का ज्ञान है - यह निवारक और उपचारात्मक दोनों है। निवारक में दिनचर्या और ऋतुचर्या शामिल हैं, जिसका आज हम 10 प्रतिशत भी पालन नहीं करते हैं।
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उन्होंने बताया कि यह पांच तत्वों का असंतुलन है जो विशेष रूप से अग्नि और कृषि तत्व के कम होने का कारण आता है। मधुमेह (डायबिटीज) के दौरान, पेशाब बार-बार आता है क्योंकि जलमहाभुत या वात तत्व असंतुलित होता है और अग्नि तत्व कम हो जाती है। इसके निवारण के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना महत्वपूर्ण है, जो पानी की मात्रा को कम करते हैं और अग्नि तत्व में सुधार करते हैं।

मधुमेह रोगियों के लिए कुछ सुझाव

  • भोजन के दौरान पानी अमृत है, भोजन के बाद जहर। 
  • भोजन के दौरान हर चार कोर खाने के बाद पानी पीना अच्छा है।
  • सीमित पानी का सेवन करें और ठंडा बिल्कुल ना पीये । 
  • सुबह बहुत पानी पीने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • सुबह पेट साफ होना महत्वपूर्ण है।
  • पूरे दिन व्यायाम और शरीर को गति में रखना भी आवश्यक है।
  • सप्ताह में कम से कम एक बार तेल की मालिश कराना जरूरी है ताकि विषाक्त पदार्थ और दोषों को दूर किया जा सके।
  • मधुमेह रोगियों को दही और दूध से बने उत्पादों से बचना चाहिए। सीमित घी और छाछ ठीक है। 
  • रोगियों को चीनी या गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए, हालांकि खजूर का सेवन किया जा सकता है।
  • उन फलों को सेवन किया जा सकता है, जिन फलों में शुगर की मात्रा कम होता है।
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ब्लड शुगर नियंत्रित करने के कुछ उपाय

  • सर्दियों में रातभर मेथी भिगोकर, सुबह उसके पानी का सेवन करें। 
  • आंवला, हल्दी और दारुहरिद्रा रातभर पानी में भिगोकर, सुबह उसके पानी का सेवन करें।
  • ब्लड शुगर रोगियों के लिए त्रिफला का नियमित सेवन भी फायदेमंद होता है।
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