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'बिना इजाजत यमुना के लिए तय बजट से एक भी पैसा न हो खर्च'

Tue, 22 Mar 2016 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनजीटी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने निर्मल यमुना मामले पर दिल्ली जल बोर्ड को फिर से चेताया है कि वह सुनिश्चित करे कि किसी भी सूरत में ट्रिब्युनल के आदेशों का उल्लंघन न हो। सोमवार को बेंच ने अपने निर्देश में कहा कि इस मामले में दिए गए सभी अंतरिम आदेश बरकरार रहेंगे।
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बेंच ने सुनवाई के दौरान जल बोर्ड को फिर याद दिलाया कि वह बिना ट्रिब्युनल की इजाजत के यमुना के लिए तय बजट से एक पैसा भी न खर्च करे। हालांकि बेंच ने सुधार व मरम्मत को लेकर बजट से खर्च करने की अनुमति दे रखी है।

वहीं, जल बोर्ड की ओर से पेश वकील ने कहा कि वित्त वर्ष खत्म होने पर बजट का पैसा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इस पर बेंच ने कहा कि वह इस संबंध में आदेश जारी कर देंगे, लेकिन इस तरह की दलीलों से काम नहीं चलेगा।
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मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी

मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को मनोज मिश्रा के मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।

इससे पहले सुनवाई में दिल्ली जल बोर्ड के हलफनामे को खारिज करते हुए बेंच ने कहा था कि वह दूसरा और विस्तृत हलफनामा दाखिल कर ट्रिब्युनल को बताए कि रोक के बावजूद यमुना के लिए तय बजट से फंड कैसे खर्च किया गया। मालूम हो कि बोर्ड ने यह स्वीकार किया था कि उसने रोक के बावजूद बजट से फंड खर्च किया है।

मालूम हो कि एनजीटी ने बीते वर्ष नवंबर माह में दिल्ली जल बोर्ड को फंड खर्च करने पर रोक लगाई थी। यह आदेश तब आया था जब बोर्ड ने यह बताया था कि वह यमुना सफाई के लिए इस वर्ष 900 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुकी है।
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