प्रद्युम्न हत्याकांड में आब्जर्वेशन होम में रह रहे किशोर से मंगलवार को भी उसके परिजन मिलने पहुंचे। किशोर की अपने परिजनों से मुलाकात आब्जर्वेशन होम के स्टाफ के सामने ही हुई। परिजन उसके कपड़े लेकर आए थे।
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हालांकि, किशोर ने अपने कोर्स की किताबें भी मांगी थी ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। मगर परिजन मंगलवार को किताबें लेकर नहीं आए थे। रायन स्कूल की 11वीं कक्षा का छात्र कॉमर्स स्ट्रीम से पढ़ाई कर रहा है।
आब्जर्वेशन होम के अधीक्षक दिनेश यादव के अनुसार, किशोर के माता-पिता के अलावा उसके चाचा व बुआ भी मिलने आए थे। वे लोग करीब 12.05 मिनट पर आब्जर्वेशन होम पहुंचे। कागजी कार्रवाई के बाद उनकी मुलाकात 20 मिनट ही हो पाई और 12.30 बजे वे लोग वापस लौट गए।
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बाल दिवस के कार्यक्रम में हुआ शामिल
प्रद्युम्न की हत्या कांड के आरोपी को फरीदाबाद बाल सुधार गृह में लाया गया ।
- फोटो : सुदर्शन झा
इस दौरान उन्होंने बच्चे को कपड़े दिए। अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि सीबीआई की हिदायत है कि बच्चे की उसके परिजनों से मुलाकात उनकी निगरानी में हो तो उस दौरान उनका स्टाफ भी वहां मौजूद था।
उन्होंने बताया कि बच्चे ने अपने कोर्स की किताबें मंगवाई थीं, मगर आज उसके परिजन किताबें लेकर नहीं आए थे। संभवतया अगली बार जब वे आएंगे तो किताबें ले आएंगे, जोकि बच्चे को उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
मंगलवार को बाल दिवस के अवसर पर आब्जर्वेशन होम में प्रार्थना सभा सहित बच्चों द्वारा कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए थे। इस दौरान किशोर ने किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि अन्य बच्चों के साथ प्रांगण में बैठकर कार्यक्रम जरूर देखा।
किसी तरह का तनाव नहीं
प्रद्युम्न हत्याकांड में आब्जर्वेशन होम में बंद किशोर पूरी तरह सामान्य है। सोमवार शाम को उसने अन्य बच्चों के साथ वहां बैडमिंटन खेला था और नियमित रूप से योग, प्रार्थना सभा, पीटी व परेड में हिस्सा ले रहा है। सोमवार को गुरुग्राम से आई काउंसलर ने करीब एक घंटे तक उसकी काउंसलिंग की। इस दौरान भी उसका व्यवहार सामान्य था।
- 6.45 से 7.30 बजे तक : योग, पीटी, परेड, प्रार्थना सभा व अंत में राष्ट्रगान
- 7.30 से 8.30 बजे तक : स्नान आदि कर तैयार होना
- 8.30 से 9 बजे तक : नाश्ता
- 9.30 बजे : जिन बच्चों की पेशी होती है तो उन्हें पेशी के लिए भेजना
- 9.30 से 12.30 बजे तक : क्लास लगती है। इसके लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं। प्राइमरी और हायर सेकेंडरी के। शिक्षा विभाग की ओर से तीन अध्यापक यहां नियमित रूप से पढ़ाने आते हैं।
- 12.30 से एक बजे तक : मनोरंजन, जिसमें बच्चे आपस में ही कविता और चुटकले आदि सुनाते हैं।
- 1 से 1.30 बजे तक : दोपहर का भोजन और उसके बाद बच्चों की गिनती।
- 1.30 से 3 बजे तक : बच्चे आराम करते हैं, इस दौरान चाहें तो वे सोएं या फिर टीवी देख सकते हैं।
- 3 बजे : चाय-बिस्कुट दिया जाता है।
- 3.30 से 5.30 बजे तक : खेलने का समय रहता है, जिसमें वे बैडमिंटन, वॉलीबाल सहित कैरम आदि खेलते हैं।
- 5.30 से 6.30 बजे तक : बच्चे आराम करते हैं।
- 6.30 से 7 बजे तक : रात का भोजन।
- 7 बजे : उन्हें अपने कमरों में भेज कर सुला दिया जाता है।