लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों पर जो तलवार लटकी हुई है वो उनपर गिरती है या उन्हें उससे राहत मिलती है, सूत्रों के अनुसार इसका फैसला 14 जुलाई को हो सकता है। कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग इस बारे में 14 जुलाई को सुनवाई कर सकती है।
बता दें कि अगर चुनाव आयोग ने यह पाया कि आप के 21 विधायक 'लाभ का पद' नियम का उल्लंघन कर रहे हैं तो सभी विधायकों की सदस्यता तक जा सकती है।
गौरतलब है कि कोई भी विधायक या सांसद तब तक कोई पदभार नहीं संभाल सकता जब तक कि उससे नियमों से छूट ना मिली हो, क्योंकि वह अपने पद का इस्तेमाल करते हुए केंद्र व राज्य सरकार के फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के सदस्य तो विधानसभा में 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद से हटाने के लिए बिल भी पेश कर चुके हैं। इस बिल में संसदीय सचिवों को लाभ के पद से मुक्त करने का प्रस्ताव था। लेकिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस बिल को बिना पास किए ही लौटा दिया था।
हालांकि, सदन इस बिल को खुद भी पास कर सकती थी, चूंकि दिल्ली एक केंद्र शासित राज्य होने के कारण कोई भी बिल जो विधानसभा से पास हो तब तक कानून नहीं बनता जब तक वो एलजी से पास होकर राष्ट्रपति से पास ना हुआ हो।