राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अक्तूबर महीने के मुकाबले नवंबर में वाहनों की रफ्तार 15 प्रतिशत बढ़ी है। अक्तूबर महीने में कैमरों से कुल चालानों में 43 प्रतिशत तेज रफ्तार (ओवर स्पीड) में किए गए। नवंबर में ये प्रतिशत 57 हो गया। मौके पर चालानों को देखे तो दिल्ली में वाहन चालकों को वाहन को पार्क करने की सहूलियत नहीं है। आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि गलत पार्किंग सबसे बड़ा उल्लंघन रहा, जो कुल रोडसाइड उल्लंघनों का लगभग 43 प्रतिशत था।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार सितंबर-अक्तूबर महीने में दिल्ली में कैमरों से कुल 3.8 लाख चालान हुए हैं। इनमें अधिक गति, हेलमेट न पहनना और गलत पार्किंग जैसी प्रमुख उल्लंघन हैं। आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ ओवरस्पीडिंग ही कुल उल्लंघनों का लगभग ४3 प्रतिशत रहा है।
आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में लाइट मोटर व्हीकल्स के 1,64,738 ओवरस्पीडिंग चालान हुए हैं, जो कुल सीसीटीवी नोटिस चालानों का 43 प्रतिशत है। इसके अलावा हेलमेट नहीं पहनने पर 70,827 चालान किए गए हैं, जोकि कुल चालानों का लगभग 19 प्रतिशत है। गलत पार्किंग के कुल 66,454 चालान हुए हैं, जोकि कुल चालानों को करीब 17 प्रतिशत है।
रेड लाइट जंपिंग के कुल 21,116 चालान हुए हैं, जोकि कुल चालानों का 6 प्रतिशत है। गलत दिशा में वाहन चालाने के 14,272 चालान हुए हैं, जोकि कुल कैमरों से हुए चालानोंं का 4 प्रतिशत है। दो महीनों में ट्रैफिक पुलिस ने कुल 3,59,472 ऑन-ग्राउंड चालान जारी किए।