नवरात्रि में राजधानी के किसी भी बड़े मंदिर में दुर्गा पूजा उत्सव का आयोजन नहीं किया जाएगा। कोविड-19 को लेकर बनाई गई सरकारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए भक्तों को केवल खाली हाथ दर्शन करने की छूट दी जाएगी। हालांकि नवरात्र में वह 8 अलग-अलग रथों पर सवार आदि शक्ति मां झंडेवाली की झांकियां शहर के विभिन्न हिस्सों में निकालेंगे। यह झांकियां हूबहू झंडेवालान मंदिर जैसी होंगी।
मंदिर प्रशासन प्रमुख रवींद्र गोयल ने बताया कि प्रतिदिन एक रथ से शहर के लगभग 3-4 स्थानों पर भक्तों को मां का दर्शन कराया जाएगा। एक दिन में लगभग 30 जगहों पर श्रद्धालुओं को आसानी से आदि शक्ति मां झंडेवाली के दर्शन होंगे। मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति होगी। प्रसाद वितरण मंदिर के बाहर किया जाएगा। दिन में 3 बार मां की आरती होगी। इसका प्रसारण भी ऑनलाइन किया जाएगा।
कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ ने बताया कि इस बार मंदिर में उत्सव, पंडाल, जागरण व भंडारा नहीं होगा। वह नई सरकारी गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। आद्या कात्यायनी पीठ छतरपुर मंदिर के प्रभारी एम. के. सेठी ने बताया कि मंदिर में नवरात्रि की तैयारियां शुरू हैं।
नवरात्र के दौरान 9 दिन यहां पर खास आरती और यज्ञ होगा। इनमें आम लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। इसका सोशल मीडिया पर ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में केवल दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।