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दबंगों की हवस ने ऐसा फैलाया खौफ कि इस गांव में अब नहीं बची कोई बहू-बेटी

Fri, 16 Sep 2016 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नूंह
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डर के मारे गुसलखाने में छ‌िपी बुजुर्ग मह‌िला - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को एससी-एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के मेवात दौरे के दौरान दलित उत्पीड़न की जो तस्वीरें उभरकर सामने आई, उन्होंने सभी का दिल दहला दिया। वहां मौजूद लोग सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या वास्तव में मेवात में ऐसा हो रहा हैं।
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dalit village - फोटो : अमर उजाला
आपसी भाईचारे के लिए मशहूर मेवात की फिजां को आखिरकार क्या हुआ कि अब वहां इन शब्दों की कोई अहमियत नहीं रह गई हैं। नीमखेड़ा के पीड़ित दलित परिवार ने अपनी व्यथा बताई कि किस प्रकार उनकी जवान लड़कियों को गांव के दंबंग लोग जबरदस्ती अपनी हवस का शिकार बनाते हैं और आवाज उठाने पर अत्याचार करते हैं।
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dalit village - फोटो : अमर उजाला
एक महिला ने मीड़िया की उपस्थित में आयोग के सामने कहा कि उन्होंने अपनी जवान लड़कियों को गांव से बाहर अपनी रिश्तेदारियों में भेज दिया हैं ताकि उनकी इज्जत सुरक्षित रह सके। यहां से दंबंगों पर पीड़ित परिवार की एक लड़की को अगवा करने का आरोप हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
बाहर नहीं आऊंगी, नहीं तो मार देंगे: पुन्हाना में 1 सितंबर को शहर के बीचों-बीच से अगवा की गई एक दलित लड़की की दादी आज भी सदमे में हैं और घर की छत पर बने गुसलखाना(शौचालय) में पड़ी रहती हैं। न तो कुछ खाती हैं और न ही किसी से मिलती हैं।
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dalit village - फोटो : अमर उजाला
पहले दो जवान पोतों की अलग-अलग सड़क दुर्घटना में मौत और अब परिवार के सामने ही हथियार के बल पर पोती का अपहरण करने का सदमा इस कदर बैठा हुआ हैं कि उसे अपने और पराए की कोई पहचान नहीं हैं।
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dalit village - फोटो : अमर उजाला
कोई भी जब उससे मिलता हैं तो हाथ जोड़कर कहती हैं कि हमें मत मारो। आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने उससे मुलाकात करने की कोशिश की। गुसलखाने में ही वे उससे मिले और मदद का भरोसा दिलाया, लेकिन वह लगातार हाथ जोड़कर रोती-बिलखती रही और कहती रही कि मार देंगे, मैं बाहर नहीं आऊंगी।
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नीमखेड़ा गांव में तैनात पुल‌िस - फोटो : अमर उजाला
महिला की पौत्रवधू ने तथा महिला के पति ने उसे खूब समझाया और गुसलखाने से बाहर आकर बात करने के लिए कहा, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और मानी, लगातार एक ही रट लगाती रही कि वे मार देंगे।
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dalit village - फोटो : अमर उजाला
सहम गया हर कोई: पीड़ित महिला की स्थिति देखकर मौके पर मौजूद आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह, उपायुक्त मनीराम शर्मा, पुलिस कप्तान कुलदीप यादव तथा अन्य प्रशासनिक अमला व आमजन सहम गया। हर किसी के मुंह से एक ही आवाज निकली कि वास्तव में पीड़ित परिवार पर अत्याचार हो रहे हैं, जिससे उसका हर सदस्य भयभीत तथा सदमे में हैं।
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