स्टांप शुल्क बढ़ने के अंदेशे के चलते मार्च में रजिस्ट्री विभाग में भीड़ लगी हुई थी। इसके चलते विभाग को 490 करोड़ का रेवेन्यू मिला है, जबकि मार्च 2016 का रेवेन्यू का लक्ष्य 172 करोड़ रुपये रखा गया था। विभाग को दोगुने से भी ज्यादा रेवेन्यू मिला है।
पहले लोगों को लग रहा था कि 1 अप्रैल से स्टांप शुल्क बढ़ जाएगा, इसलिए मार्च खत्म होने से पहले ही रजिस्ट्री करवाने में लगे हुए थे, ताकि बढ़ने वाले शुल्क के रूप में लगने वाले उनके एक से डेढ़ लाख रुपये बच जाएं, लेकिन 1 अप्रैल से स्टांप शुल्क नहीं बढ़ा तो रजिस्ट्री करवाने वालों के आंकड़े में भी कमी आई है। 31 मार्च के दिन विभाग में करीब 700 लोगों ने रजिस्ट्री करवाई थी, जबकि ये आंकड़ा 1 अप्रैल को गिरकर 300 तक आ गया।
डीआईजी (स्टांप) अरविंद सिंह चंदेल ने बताया कि अभी स्टांप शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर विभाग के पास कोई आदेश नहीं आया है। जब तब अधिसूचना जारी नहीं होगी, पुरानी दर पर ही रजिस्ट्री होती रहेगी। हालांकि 1 अप्रैल को अन्य दिनों की तुलना में रजिस्ट्री करवाने वालों का कम आंकड़ा है। हालांकि भीड़ अभी भी है। उन्होंने बताया कि काफी संख्या में लोगों ने स्टांप मार्च में ही खरीद लिया है, वह अब अगले चार माह में कभी भी रजिस्ट्री करा सकते हैं, उनका स्टांप मान्य रहेगा, चाहे स्टांप ड्यूटी भले ही बढ़ जाए।
अब पुराने समय पर ही खुलेगा दफ्तर
दो फीसदी स्टांप बढ़ने की संभावना को लेकर मार्च में रजिस्ट्री विभाग में भीड़ लगी हुई थी। एक-एक दिन में 700 से 800 लोग रजिस्ट्री करवा रहे थे। इस चक्कर में देर रात तक दफ्तर खुल रहा था, लेकिन अब से रजिस्ट्री विभाग अपने पुराने समय पर यानी सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक ही खुलेगा।