राजधानी में लगातार कोरोना के मामलों में उछाल बना हुआ है। साथ ही दिल्ली के विभिन्न इलाकों में घर- घर में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि बीते एक सप्ताह के भीतर ही होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों का आंकड़ा 1600 से बढ़कर 2300 के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के लक्षण होने की वजह से मरीज घर पर ही इलाज करवा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने कंटेनमेंट जोन की संख्या में कमी करना शुरू कर दिया है।
दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना के 1245 नए मामले मिले थे। इसके साथ सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 3844 हो गई थी। वहीं, होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों की संख्या दो हजार से अधिक है। लोक नायक अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार के मुताबिक, बीते कई दिनों से लगातार मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, दो दिनों में संक्रमण दर में कमी आई है। राहत की बात यह है कि गंभीर मरीजों की संख्या अधिक नहीं है। अस्पताल में भी केवल वे मरीज भर्ती हैं, जो पहले से ही यहां पर अन्य बीमारी के इलाज के लिए पहुंचे थे। ऐसे में बाहर से कोविड के मरीज न के बराबर हैं।
वहीं, एम्स के डॉ अनन्य गुप्ता के मुताबिक, अस्पताल में बाहर से कोरोना के मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि, वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों में हल्के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। एम्स की ओर से मरीजों की सुरक्षा देखते हुए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। हालांकि, यहां भर्ती मरीज बहुत कम हैं। इन मरीजों में बहुत हल्के लक्षण हैं।