तीन जुलाई को गांधी नगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। अब पुलिस के सामने यह सवाल था कि आखिर महिला का गला किसने और क्यों रेता। महिला के पति से पूछताछ की गई तो पता चला कि वारदात के समय वह काम पर गया हुआ था। जिस बिल्डिंग में महिला किराए पर रहती थी, उस बिल्डिंग में बड़ी संख्या में लोग किराए के कमरे लेकर रहते हैं। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पड़ताल की और करीब 100 किराएदारों से पूछताछ की गई।
इसके अलावा जिस पर भी पुलिस को शक हुआ, उससे लंबी पूछताछ की गई। लंबी जांच के बाद पुलिस ने दूसरी मंजिल पर रहने वाले किराएदार मान सिंह से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने बताया कि वह करीब 12-13 साल की उम्र से शराब पी रहा है। पिछले करीब तीन सालों से वह इस बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर रह रहा था। वह एक फैक्टरी में कपड़े के कॉलर बनाने का काम करता है। एक जुलाई को फैक्टरी में पेंट होने के कारण वह वहां नहीं गया। फैक्टरी का काम वह घर पर ही ले आया था। सुबह करीब 9.30 बजे वह पास की दुकान से कैंची ले आया, जिसे उसने धार लगने के लिए दिया हुआ था। सुबह दस बजे बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोग चले गए तो आरोपी ने बीयर पीना शुरू कर दिया। इस बीच 11.45 बजे सपना कपड़े सुखाने छत पर गई तो जीने पर आरोपी ने उसे रोक लिया। आरोपी ने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला ने विरोध कर पति को बताने की बात की तो उसने कैंची से उसका गला रेत दिया। वारदात के बाद आरोपी अपने कमरे में ही आ गया। उसने खून से सनी कैंची धोई बाद में अपने कपड़े भी धो दिए। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कैंची भी बरामद करने का प्रयास कर रही है।
एक महिला की गला कटने से मौत हो गई और पुलिस ने इसे महज एक हादसा मान लिया। आखिर कैसे शुरुआती जांच में पुलिस को यह मामला हत्या का नहीं लगा। इस बात पर मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि क्राइम और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और शव का निरीक्षण किया। महिला के कटे हुए गले में मंगलसूत्र अंदर तक फंसा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि मंगलसूत्र फंसने से गला कटा। वहीं महिला के चार साल के बेटे ने भी मां के जीने से गिरने की बात बताई। इसके बाद लोगों ने कॉल भी मंगलसूत्र से गला कटने की बात कही। बाद में जब पोस्टमार्टम हुआ तो हत्या का पता चला।