डेनमार्क निवासी महिला से गैंग रेप मामले में दिल्ली
पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने एक आरोपी की पोटेंसी जांच
रिपोर्ट कोर्ट में पेश ही नहीं की थी।
बचाव पक्ष की दलीलों के मद्देनजर
पुलिस ने करीब दो साल बाद जांच रिपोर्ट मंगलवार को कोर्ट में पेश करने की
कोशिश की। कोर्ट ने इस पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है।
तीस
हजारी अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष
अभियोजन के विशेष अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने आरोपी श्याम लाल भजनी की मूल
मेडिको लीगल केस (एमएलसी) व पोटेंसी जांच रिपोर्ट मंगलवार को कोर्ट में
पेश की।
एमएलसी में भजनी के सैंपल लिए जाने का जिक्र था और उसकी दूसरी तरफ
पोटेंसी जांच का भी जिक्र था। पुलिस ने इससे पहले एमएलसी की फोटो कॉपी जमा
करवाई थी जिसमें पोटेंसी जांच का जिक्र नहीं था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता
दिनेश शर्मा ने इसपर आपत्ति जाहिर की।