आईएमटी के किसानों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। मंगलवार को वे चंदावली में धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि सरकार के साथ हुए समझौते का हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना निगम (एचएसआईआईडीसी) ने उल्लंघन किया है।
किसानों का कहना है कि उन्हें रिहायशी प्लाट 7227 रुयये प्रति वर्गगज देने का लिखित आश्वासन जिला प्रशासन ने चंदावली में धरना स्थल पर सौंपा था। अब एचएसआईआईडीसी किसानों को अलॉटमेंट लेटर दे रहा है तो उसमें दर 8398 रुपये वर्गगज मांगी जा रही है। इसकी 10 प्रतिशत राशि 10 दिन में एचएसआईआईडीसी के कार्यालय में जमा कराने का दबाव भी डाला जा रहा है।
इसे लेकर किसान संघर्ष समिति के प्रधान रामनिवास के नेतृत्व में काफी लोग धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना पर एसडीएम बल्लभगढ़ जितेंद्र दहिया ने निगम और किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी। किसान धरना समाप्त करने पर सहमत हो गए। अब मामले के हल के लिए अगले मंगलवार को फिर एसडीएम ने अपने कार्यालय पर बैठक बुलाने का फैसला लिया।
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामनिवास व पूर्व अध्यक्ष बृजमोहन टोंगर ने बताया कि बैठक में निगम के डीजीएम वित्त से कैलकुलेशन बैलेंस शीट लाने को कहा गया है, ताकि बढ़ाई गई राशि का कारण स्पष्ट हो सके। साथ ही एसडीएम को ज्ञापन देकर 75 फीसदी तक जमीन देने वाले किसानों को भी रिहायशी प्लॉट दिलाने का आग्रह किया गया है। उधर, निगम के डीजीएम वित्त सलिल नारंग ने बताया कि राशि कोर्ट के आदेश पर बढ़ाई गई है। एसडीएम का कहना है कि विवाद बढ़ने नहीं दिया जाएगा।