विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना पाने का कसक भाजपा को सता रहा है। मंगलवार को चुनाव समिति की कोर ग्रुप की समीक्षा बैठक में इसका ठिकरा बागी नेताओं के सर फोड़ा गया।
दिल्ली में भाजपा का बहुमत में न आने का मुख्य कारण आपसी मतभेद बताते हुए बैठक में एक कमेटी बनाई गई। यह कमेटी बागियों से निपटेगी।
बैठक में दिल्ली भाजपा प्रभारी नितिन गडकरी और सह-प्रभारी नवजोत सिंह सिद्धू, प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल समेत कई नेताओं ने यह स्वीकार किया कि बागी नेताओं ने ही भाजपा को दिल्ली में पूर्ण बहुमत में आने से रोका है।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि कोर ग्रुप की बैठक में कई नेता आपस में भी झगड़ पड़े। मामला गर्म होता देख एक कमेटी बनाने का फैसला किया गया। 8-10 लोगों वाली कमेटी दोनों पक्षों की बात सुनकर अनुशासन कमेटी को रिपोर्ट देगी।
बैठक में सख्ती से कहा गया कि चुनाव में विरोध करने वाले बागियों को निलंबित किया जाएगा। एमसीडी नेता राम किशन सिंघल और विधायक कुलवंत राणा आपस में ही भिड़ गए।
दिल्ली के ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी से भाजपा के पक्ष में वोट नहीं पड़ने का सबसे बड़ा कारण एमसीडी की कार्यशैली को बताया गया। कई नेताओं ने घर-घर चलो भाजपा कार्यक्रम और बूथ मैनेजमेंट को लेकर भी सवाल उठाए।
आभार और विजय रैली निकालेगी भाजपा
कोर कमेटी की बैठक में यह तय किया गया कि उन विधानसभा क्षेत्रों में आभार रैली निकाली जाएगी जहां प्रत्याशियों को जीत मिली है।
प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा पार्टी ने तीन सूत्रीय रणनीति तैयार की है। इसके तहत घर-घर संपर्क अभियान, जनसभाएं और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के बीच जाएंगे।