आम आदमी पार्टी (आप) ने बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक से पहले आज पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक की। बैठक में आप सांसद राघव चड्ढा, मंत्री गोपाल राय और आतिशी समेत अन्य आप नेता शामिल हुए। बताया जा रहा है कि पंजाब के सीएम भगवंत मान भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएसी बैठक में शामिल हुए। बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक में हिस्सा लेने पर आप ने अपना रुख साफ कर दिया है। साथ ही कांग्रेस ने भी दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ आप के समर्थन को लेकर अपना मत स्पष्ट कर दिया है।
बैठक के बाद आप नेता और सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आप 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में संयुक्त विपक्ष की बैठक में शामिल होगी। उन्होंने केंद्र के दिल्ली अध्यादेश को काला अध्यादेश बताया। कहा कि यह राष्ट्र विरोधी और देश विरोधी कानून है। हर वो शख्स और राजनीतिक पार्टी जो इस राष्ट्र विरोधी दिल्ली अध्यादेश का समर्थन करता है वह राष्ट्र विरोधी है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा, टीएमसी से लेकर आरजेडी, डीएमके, समाजवादी पार्टी से लेकर शिवसेना तक और सीपीआई, सीपीएम समेत अन्य राजनीतिक दलों ने अरविंद केजरीवाल के आह्वान पर इस दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। कांग्रेस भी इस काले अध्यादेश के खिलाफ आप के साथ है। उन्होंने कांग्रेस के इस निर्णय की सराहना की।
2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी का चुनावी रथ रोकने के लिए बेंगलुरु में 17-18 जुलाई को विपक्षी एकता की बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें कई विपक्षी पार्टियां शामिल होंगी। लेकिन अभी तक इस बैठक को लेकर आम आदमी पार्टी का रुख साफ नहीं हुआ था। रविवार से पहले तक दिल्ली में आए केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस के रुख को देखते हुए आम आदमी पार्टी में नाराजगी थी। ऐसी बातें भी सामने आई थीं कि केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस द्वारा रुख स्पष्ट न किए जाने के चलते केजरीवाल की पार्टी इस बैठक से दूरी बना सकती है।