पिछले 10 दिनों से गंभीर और बहुत खराब श्रेणी के बीच चल रही दिल्ली- एनसीआर की हवा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से गुरुवार को सुधरकर खराब श्रेणी में पहुंच गई। वहीं, आगामी दो दिनों में भी वेंटिलेशन इंडेक्स और हवा की रफ्तार बढ़ने से हवा के स्तर में सुधार होने की संभावना बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक में 74 अंकों की गिरावट के साथ 284 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 358 रहा था। वहीं, मंगलवार को 389, सोमवार को 400, रविवार को 389, शनिवार को 404, शुक्रवार को 348, बुधवार को 373, मंगलवार को 367, सोमवार को 318 और पिछले बुधवार को 400 से अधिक के आंकड़े के साथ हवा का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया था।
सफर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलने की घटनाओं में अधिक कमी पाई जा रही है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह से पराली जलने की वृद्धि दर 10 फीसदी से भी कम है। इस कड़ी में बृहस्पितवार को पड़ोसी राज्यों में जलने वाली पराली की वजह से प्रदूषण के स्तर में इसकी हिस्सेदारी एक फीसदी रही, जबकि एक दिन पहले 119 घटनाओं के साथ यह दो फीसदी रही थी। अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा अक्तूबर में 42 फीसदी पराली जलाने की घटनाओं के साथ है।
पिछले 24 घंटे में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्वों पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर में भी कमी आई है। पीएम 10 का स्तर 266 और पीएम 2.5 का स्तर 122 दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 347 व पीएम 2.5 का स्तर 193 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज श्किया गया था। वहीं, मंगलवार को पीएम 10 का स्तर 341 और पीएम 2.5 का स्तर 207 रहा था।
सफर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इस वजह से प्रदूषण के कणों में छंटने में मदद मिली है। वहीं, आज दिल्ली के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना की बनी हुई है। इस वजह से हवा का स्तर खराब श्रेणी के निचले स्तर पर भी पहुंच सकता है। गौरतलब है कि राजधानी में बेहद साफ हवा गत 6 अक्तूबर और 17 नवंबर को दर्ज की गई थी।
दिल्ली एनसीआर के आंकड़े
गाजियाबाद-330
ग्रेटर नोएडा-322
गुरुग्राम-217
नोएडा-310
फरीदाबाद-300