आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े एक संगठन ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बाटला हाउस एंकाउंटर में मारे गए युवकों को शहीद का दर्जा देते हुए कहा है कि हम उनके बलिदान का बदला जरूर लेंगे।
2008 में हुए बाटला एनकांउटर की छठवीं बरसी पर शुक्रवार को आतंकवादी संगठन अंसार-उल-तौहीद फी बिलाद अल हिंद (एयूटी) ने एनकांउटर में मारे गए इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के दोनों आतंकियों को अपने संगठन का शहीद बताते हुए उनके बलिदान की सराहना की है।
बता दें कि अंसार-उल-तौहीद वही संगठन है जिसने कुछ दिन पहले आईएसआईएस के प्रमुख अबु बक्र अल-बगदादी का हिंदी, उर्दू और तमिल सबटायटल के साथ एक वीडियो जारी किया था।
गौरतलब है कि ऐसा पहली बार है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्षेत्र में काम कर रहे किसी आतंकवादी संगठन ने कहा है कि बाटला हाउस एंकांउटर में मारे गए आतंकी उसके आदमी थे।
गौरतलब है कि आईएम एक ऐसा संगठन है जो किसी भी ब्लास्ट या आतंकी गतिविधि से पहले या बाद में उक्त घटना की जिम्मेदारी लेता है। यह समझना मुश्किल है कि बाटला हाउस एंकांउटर की जिम्मेदारी लेने में उससे जुड़े संगठन ने इतना वक्त क्यों लगा दिया।
आईएम ने इस एंकांउटर में मारे गए पुलिस अधिकारी मोहन चंद शर्मा के मौत की भी जिम्मेदारी नहीं ली थी। इस एंकांउटर के बाद से ही कई सामाजिक संगठनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया था और मारे गए कथित आंतकियों को निर्दोष बताया जाता रहा है।
ऐसे में एयूटी द्वारा बाटला हाउस एंकाउंटर मारे गए युवकों को शहीद का दर्जा देना और उनका बदला लेने का संदेश जारी करना, चौंका देने वाली घटना है।
पूरे भारत में शरिया लागू कराने का किया आह्वान
एयूटी ने अपने ट्विटर हैंडल @isabahmedia2 से गुरूवार की रात ट्वीट किया है 'बाटला हाउस-इंशाहअल्लाह हम बदला लेंगे।' इसके अलावा उसने लिखा है कि बाटला एंकांउटर में मारे गए दोनों आईएम आतंकियों आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद की मौत का बदला लेंगे। अपने ट्वीट में एयूटी मुजाहिदीन ने ये भी संकेत दिए कि वो कैद में रह रहे आईएम सदस्यों का भी बदला लेंगे।
एयूटी के इस संदेश में उन्होंने मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकियों की तस्वीरें भी लगाईं हैं साथ ही इनके नीचे अंग्रेजी, हिंदी और अरबी में 'शहीद' कैप्शन भी दिया है। तस्वीर के साथ जो लेख है उसमें ये संदेश लिखा है कि 'हम मुजाहिदीन बाटला हाउस एंकांउटर में मारे गए शहीदों की शहादत का बदला लेने का प्रण दोहराते हैं। इसके साथ ही हम अपने शोषित और जेलों में बंद भाईयों को आजाद कराने का भी प्रण लेते हैं और जब तक हम पूरे भारत में शरिया कानून लागू नहीं कराते तब हम चैन से नहीं बैठेंगे।'
हालांकि पुलिस इन संदेशों के सत्यता की जांच कर रही है। इस संदेश की जांच में लगे एक अधिकारी का कहना है कि हम अभी तक यह नहीं पता लगा पाएं हैं कि यह संदेश कहां से भेजा गया है।
उनका ये भी कहना है कि ये संदेश आईएम के उस संदेश से काफी मिलता जुलता है जो उसने मीडिया की आंखों में आने के लिए शुरू शुरू में किया था। बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकियों को एयूटी ने अपने संगठन का बताया है जो एक बहुत बड़ी बात है क्योंकि इसमें पहने गए कपड़े भी इंडियन मुजाहिदीन की पोशाक है।
बगदादी ने भारतीय युवाओं से की जिहाद की मांग
सूत्रों का कहना है कि एयूटी के इस दावे के बाद कि एंकांउटर में मारे गए आतंकी उसी के थे ने इस विवाद को फिर हवा दे दी है कि एयूटी का मकसद पूरी दुनिया में फैल कर आतंक फैलाना है। अपने इसी मकसद के तहत एयूटी ने तीन अलग-अलग वीडियो हिंदी अंग्रेजी और ऊर्दु सबटायटल्स के साथ जारी किया है, जिसमें आईएसआईएस के कई ऑपरेटिव के साथ ही उसके प्रमुख बगदादी का भी संदेश था।
इसी वीडियो में बगदादी ने पूरी दुनिया में जिहाद लाने की मांग की जिसमें भारत भी शामिल है। एयूटी ने उन वीडियो को भी अपलोड किया है जिसमें अफगानिस्तान में मारे गए भारतीय जिहादियों के लिए सांत्वना प्रकट की और यही नहीं इस वीडियो में पूर्व इंडियन मुजाहिदीन का संदेश भी दिखाया है जिसमें उसने भारतीयों का वैश्विक जिहाद लाने के लिए आह्वान किया है।
मालूम हो कि आतंकी संगठन एलईटी ने भी इसी तरह अपनी ऑनलाइन पब्लिकेशन गजवा टाइम्स में गुजरात में हुए इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ में मारे गए लोगों को अपने संगठन का बताया था। हांलांकि उसने यह पोस्ट तब हटा दिया था जब एक आरोपी जावेद शेख के पिता ने हाईकोर्ट में इस एंकांउटर की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। इस मुठभेड़ में गुजरात के कई अफसरों का तबादला हो गया था और इंटेलिजेंस ब्यूरो के कई अफसर सीबीआई के शक के घेरे में हैं।
साभारः टाइम्स ऑफ इंडिया