1957 में सामने आया था ऐसा मामला
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे पहले कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का 1997 में पर्दाफाश हुआ था। करीब 21 साल बाद ऐसा ही मामला सामने आया है। कच्ची शराब बनाने पर एक्साइज एक्ट के तहत मृत्यु दंड देने तक का प्रावधान है।
बसंता का रिश्तेदार है जिजार सिंह
वर्ष 2009 में राजौरी गार्डन व ख्याला इलाके में कच्ची शराब पीने से 27 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने तब मुख्य आरोपी बसंता को गिरफ्तार किया था। उस समय अवैध शराब की फैक्टरी नहीं पकड़ी गई थी। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंपी गई थी। आरोपियों ने कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी को नष्ट कर दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी बसंता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी जिजार सिंह बसंता का दामाद है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश व उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी
राजौरी गार्डन के रघुवीर नगर में कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश होने पर पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों समेत दिल्ली पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी दबी जुबान में स्वीकार कर है कि कच्ची शराब की फैक्टरी का समय से पर्दाफाश नहीं होता तो दिल्ली में भी यूपी, उत्तराखंड व असम की तरह कई लोगों की जान जा सकती थी। माना जा रहा है कि इलाके के पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी।