इन दिनों थाना क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में अवैध शराब बिकने का धंधा जोरों पर चल रहा है। गांवों में खुलेआम चल रही दुकानों के खुलने से ग्रामीण युवा नशे का शिकार हो रहें हैं। जिसके चलते ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी इनपर कार्रवाई नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।
जानकारी के अनुसार फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव रावली, दोहा, बीवां, अगोन, दुगरी और साकरस में इन दिनों कुछ दबंग लोगों द्वारा गांवों में अवैध शराब बेचने का कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों की शिकायत है कि गांवों में खुली अवैध शराब की दुकानों के खुलने से ग्रामीण युवक नशे का शिकार हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि शाम ढ़लते ही अवैध शराब की दुकानें खुल जाती हैं जिनपर आवार किस्म के लोग नशे की हालत में उत्पात मचाकर गांवों का माहौल खराब कर रहें हैं।
वहीं जब इन लोगों का विरोध किया जाता है तो यह लड़ाई झगड़े पर उतारु हो जाते हैं जिससे ग्रामीण सहमें हुए हैं। ग्रामीण ने बताया कि इस बाबत स्थानीय पुलिस प्रशासन से बार-बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
इस बीच ग्रामीणों ने मेवात के पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन से ग्रामीणों इलाकों में खुली अवैध शराब की दुकानों पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई है।