राजधानी में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों में आग लगने की घटनाओं की जांच आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम करेगी। इसके लिए छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम बसों में आग लगने के कारण की जांच करेगी और आगे से आग न लगे इसका सुझाव भी देगी। टीम आठ सप्ताह में अंतिम रिपोर्ट तैयार कर परिवहन विभाग को सौंपेगी। हाल में 19 मई और 29 अगस्त को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों में आग लगने की घटना हुई थी।
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बसों में आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने के लिए परिवहन विभाग को कहा था। इसके लिए आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद लेने के लिए परिवहन विभाग की ओर से आईआईटी दिल्ली को पत्र भेजकर जांच टीम गठित करने को कहा गया। अब आईआईटी की ओर से जांच करने वाले विशेषज्ञों के नाम तय कर दिए गए है।
इसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अंजन राय की अध्यक्षता वाली इस टीम में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एके सरोहा, मेकेनिकल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ प्रो. कृष्णकांत अग्रवाल, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ प्रो. सुमित कुमार और प्रो. सौरभ सक्सेना व प्रो. राहुल गोयल शामिल किए गए हैं। इस टीम के सहयोग के लिए परिवहन विभाग की ओर से उपायुक्त आर रामनाथन और डिम्ट्स की ओर से उपाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है।
कई प्रमुख बिंदुओं को रिपोर्ट में किया जाएगा शामिल
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम आग लगने की घटनाओं के पीछे के कारण की जानकारी पता करेगी। सीएनजी बस के मामले में अगर देखरेख में लापरवाही आती है तो आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम के बारे में सुझाव देगी।
टीम यह भी बताएगी कि क्या बसों में ऐसे तकनीकी उपकरण लगाने की जरूरत है जो आग लगने की स्थिति में चालक को सचेत कर सके। ऐसी घटनाओं के दौरान समय पर कार्रवाई करने के लिए चालक और परिचालकों को कोई प्रशिक्षण देने की जरूरत है या नहीं। जांच टीम इन सभी प्रमुख बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल करेगी।