सरकार का कहना है कि निशुल्क चिकित्सीय जांच और सर्जरी की सुविधा लेने के लिए हर मरीज का वोटर और आधार कार्ड होना जरूरी है। जबकि दिल्ली में कई परिवार ऐसे भी हैं, जिनके मुखिया के पास दिल्ली का पहचान पत्र है, लेकिन बाकी सदस्यों के पास नहीं है। ऐसे में इन परिवारों के आगे भी स्वास्थ्य लाभ लेने की परेशानी खड़ी हुई है।
आदेश में सरकार ने दी थी जानकारी
दिल्ली स्वास्थ्य सेवा द्वारा जारी इस आदेश में यह भी कहा गया है कि इस सुविधा को लेने के लिए मरीज को दिल्ली का वोटर आई कार्ड और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करानी होगी। इसके बाद संबंधित अस्पताल के चिकित्सा निदेशक/अधिक्षक /सह अधिक्षक /सीएमओ ऑथराइज फार्म जारी करेंगे।
इस फॉर्म पर इन अधिकारियों के मुहर का होना भी आवश्यक है, अन्यथा यह मान्य नहीं होगा। वहीं अगर किसी मामले में यह पाया गया कि मरीज को यह सुविधा देने में तय नियमों का पालन नहीं किया गया है तो फॉर्म जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।