दिल्ली पुलिस ने इस तथ्य को गलत बताया है कि वह 100 नंबर की कॉल को नहीं सुनती। पुलिस ने आरोप लगाया कि यह फ्री सेवा होने के कारण एमटीएनएल व अन्य दूरसंचार कंपनियां इसे प्राथमिकता नहीं देतीं हैं।
इसके अलावा कॉल लेने की क्षमता का भी अभाव है। हाईकोर्ट ने इस तथ्य के ध्यानार्थ कड़ी नाराजगी जताते हुए संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद और आशुतोष कुमार की खंडपीठ के समक्ष पेश दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने कहा कि यदि 100 नंबर पर घंटी बजती रहती है तो उसका अर्थ नहीं है कि हम उसे नहीं सुनते।