आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों के लिए लाए जा रहे कानून की मुखालफत की है। अपने सांसद संजय सिंह की तारीफ करते हुए केजरीवाल ने विधेयक पास करने के तरीके पर सवाल उठाया है। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मौजूदा केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की तुलना अंग्रेजी शासन से कर डाली।
विपक्षी सांसदों के साथ आप सांसद संजय सिंह की सोमवार रात संसद परिसर में गुजरने के बाद मंगलवार सुबह अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि संजय सिंह और अन्य सांसद रातभर संसद परिसर में देश के किसानों के लिए संघर्ष करते रहे। मच्छर, गर्मी और अन्य असुविधाओं की परवाह किए बगैर वह किसानों के लिए लड़ते रहे। वह अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे, वह जनतंत्र और संविधान के लिए लड़ रहे हैं। वह देश के किसानों के लिए संघर्षरत हैं।
अरविंद केजरीवाल ने आगे सवाल किया कि जब देशभर के किसान कह रहे हैं कि नया कानून किसानों को खत्म कर देगा, तो इतने खतरनाक कानून को बिना वोटिंग कराए संसद से पास क्यों कर दिया। फिर, संसद का क्या मतलब। अगर इसी तरह कानून बनाना है तो संसद सत्र बुलाने की जरूरत क्या है।
दूसरी तरफ मनीष सिसोदिया ने कहा कि अंग्रेज हुकूमत इसी तरह चलाते थे। भारत के आम किसान मजदूर और व्यापारियों पर जुर्म करते थे, उनके खिलाफ काले कानून बनाते थे, ताकि वह जुर्म कर सकें। फिर जब गांधी जी और अन्य नेता उनसे मिलने जाते तो वह चाय पिलाते थे। हमारे हुक्मरान आज भी उसी अंग्रेजी अंदाज में सरकार चला रहे हैं।
अंग्रेजी में विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमका रही मोदी सरकार : राघव
आप विधायक राघव चड्ढा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश की जनता की गाढ़ी कमाई से अखबारों में अंग्रेजी में विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमका रही है। साथ ही सवाल किया कि केंद्र सरकार बताए कि देश के 62 करोड़ किसान और कृषि क्षेत्र के मजदूरों में वे कौन से लोग हैं, जो अंग्रेजी में विज्ञापन को पढ़कर मिनिमम सपोर्ट प्राइस, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और पब्लिक सिक्योरमेंट को समझ पाएंगे।
किसानों को उनके रहमो-करम पर छोड़ दिया : एनडी गुप्ता
आप सांसद एनडी गुप्ता ने कहा कि देश में 2014 से जुमले की सरकार आई है और केंद्रीय गृहमंत्री ने खुद स्वीकारा है कि वो जुमले देते हैं, एमएसपी भी एक जुमला था। नया कानून बनने से अब किसान कहीं भी माल बेच सकेंगे, लेकिन उसमें कॉस्ट प्राइस और एमएसपी का कोई लेना-देना नहीं होगा, किसानों को उनके रहमो-करम पर छोड़ दिया गया है। एनडी गुप्ता ने कहा कि यह सरकार ऑर्डिनेंस सरकार हो गई है, इसे न स्टैंडिंग कमेटी की जरूरत है, न सेलेक्ट कमेटी की जरूरत है और न पार्लियामेंट में विपक्ष की जरूरत है।